सीतापुर। जिले में वायरल फीवर के मामले तेजी से बढ़ रहे है। मरीजों की बढ़ती तादाद के कारण दवाओं की किल्लत हो गई है। बुखार, मलेरिया व डेंगू में उपयोग होने वाली कई दवाओं की कमी हो गई है। इसकी वजह से मेडिकल स्टोर संचालकों को डिमांड के मुताबिक दवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
इस समय वायरल फीवर का प्रकोप चल रहा है। इसकी गवाही जिला अस्पताल सहित सीएचसी पीएचसी पर उमड़ रही भीड़ दे रही है। जिला अस्पताल में एक माह पहले करीब दो हजार मरीज ओपीडी में दिखाने आते थे। अब इनकी तादाद बढ़कर करीब तीन हजार हो गई है। जिसमें सर्वाधिक मरीज बुखार के आ रहे हैं। जिले में मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण दवाओं की किल्लत उत्पन्न हो गई है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव मिश्रा बताते हैं कि इस समय वायरल फीवर के अधिक मामले आ रहे हैं।
मलेरिया व डेंगू के भी केस आ जाते हैं। इन बीमारियों में मरीजों को तेज बुखार के साथ सिर दर्द, उल्टी की समस्या उत्पन्न हो रही है। अगर जिले की बात की जाए, इन बीमारियों में प्रयोग होने वाली क्लोरीक्वीन, पैरासिटामॉल इंजेक्शन, प्लेटलेट्स नियंत्रित करने वाली दवाओं की किल्लत हो गई है। यह दवाएं मेडिकल स्टोर संचालकों को समय से उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
इसके लिए वह कई बार दवा एजेंसियों की भागदौड़ कर रहे हैं। मेडिकल स्टोर संचालक मनीष ने बताया कि एक सप्ताह से यह कमी बनी हुई है। कई बार आर्डर लगाने के बाद भी दवा मिलना मुश्किल हो रही है।
डीआई संदीप कुमार ने बताया कि जिले में इस समय वायरल बुखार में प्रयोग होने वाली दवाओं की किल्लत की जानकारी नहीं है। अगर ऐसी कोई बात है तो दवाओं की डिमांड के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
दोगुना हुई दवाओं की बिक्री
मेडिकल स्टोर संचालक मुकेश ने बताया कि इस समय दवाओं की बिक्री दोगुना हो गई है। एक माह पहले जहां 100 मरीज दवा लेने आते थे। अब इनका आंकड़ा 200 से अधिक पहुंच रहा है। अधिकतर लोग बुखार, मलेरिया व डेंगू की ही दवा लेने आ रहे हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक बिक्री होती रहती है।
एक मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि हम लोग सीतापुर शहर की कई एजेंसियों से रोजाना दवा लेते थे। अब दिन में कई बार दौड़कर जाते हैं तो भी दवा नहीं मिलती है। ऐसे में हम लोग सीधे दवा कंपनी से संपर्क कर रहे हैं। ऑनलाइन पेमेंट जमा कर देते हैं। अगर सौ टेबलेट का आर्डर होता है तो 50 ही मिल पाती हैं।
आस पड़ोस रखें सफाई
वायरल फीवर तेजी से फैल रहा है। सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। अपने आस पड़ोस गंदगी न फैलने दें। कूलर व गमलों में गंदा पानी जमा न होने दें। बुखार आने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें। वायरल फीवर तीन से चार दिन तक रहता है। अगर लगातार बुखार आ रहा है, दवा खाने के बाद भी कंट्रोल नहीं होता है तो मलेरिया व डेंगू की जांच करवाएं।
- डॉ. आरके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल