नैमिषारण्य(सीतापुर)। सतुवाही अमावस्या पर्व पर नैमिषारण्य में हजारों श्रद्वालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान उन्होंने चक्रतीर्थ और गोमती नदी में स्नान किया और मां ललिता देवी, हनुमान गढ़ी सहित विभिन्न मठ मंदिरों में दर्शन-पूजन भी। चक्रतीर्थ और गोमती नदी में बुधवार रात से ही प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए बड़ी संख्या में भक्तों ने स्नान किया।
आज के दिन सत्तू दान का विशेष महत्व रहता है जिसके चलते भक्तों ने स्नान दर्शन के बाद परंपरा के अनुसार सेतुआ का दान किया। इसके बाद श्रद्वालुओं ने यहां के मंदिरों व मठों में जाकर पूजन अर्चन कर ब्राह्मणों व कन्याओं को दक्षिणा दी। भक्तों ने पिंडदान, तर्पण व श्राद्ध आदि पितृकर्म भी किए।
सत्तू खरीदने के लिए उमड़ी रही भीड़
सतुवाही अमावस्या के चलते नैमिषारण्य में जगह-जगह सत्तू बिकता हुआ नजर आया। जौ का सत्तू 60 से 80 रुपये प्रति किलो तक बिका। वहीं चने का सत्तू 80 से 120 रुपये प्रति किलो तक श्रद्वालु खरीदते हुए नजर आए। गर्मी के इस मौसम में जहां चक्रतीर्थ पर बंद पड़े वाटर कूलर की वजह से श्रद्वालु हैंडपंप पर निर्भर है। इससे उनको काफी दिक्कतें उठानी पड़ी।
लहरपुर। क्षेत्र के सूर्य कुंड मंदिर प्रांगण में गुरुवार को भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर मनौती मांगी। भगवान कामेश्वर नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। सतुवाही अमावस्या के मौके पर जगह-जगह हवन पूजन हुआ। आयोजित भंडारों में प्रसाद ग्रहण कर सत्तू का दान किया। बच्चों ने मेले का भी आनंद उठाया।