मानपुर(सीतापुर)। थाना क्षेत्र में बुधवार रात डकैतों ने एक महिला को बंधक बनाकर गहने लूट लिए। गृहस्वामी के भाई को बंधक बनाकर असलहे की बट से पीट दिया। फिर उसकी पत्नी को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर उसे भी मारा। बदमाश करीब चार लाख रुपये का सामान बटोर ले गए। पहले पुलिस मामले का पटाक्षेप करने में जुटी रही। फिर तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कही है।
न्यादरपुर मजरा मझिगवां खुर्द निवासी राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि बुधवार रात करीब ढाई बजे सात से आठ बदमाश दीवार के सहारे छत पर चढ़ आए। छत से जीने के रास्ते होकर सभी आंगन में उतर आए। बरामदे में उसका भाई आशीष लेटा था। आहट पाकर उसकी नींद खुल गई। जिस पर बदमाशों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। फिर घर से करीब 150 मीटर दूरी पर ले गए और वहां पर उसे बुरी तरह से असलहे की बट से पीट दिया।
इसी बीच दूसरे कमरे में लेटीं आशीष की पत्नी पूनम बाहर आ गई। बदमाशों ने पहले तो उसे तमंचे के बल पर बंधक बनाया फिर उसके जेवर उतरवा लिए। फिर अलमारी में रखे दस हजार रुपये, जेवरात, बर्तन समेत करीब चार लाख रुपये का माल पार कर दिया। डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश घर का दरवाजा खोलकर बाग की तरफ से भाग गए। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित ने शोर मचाया तो ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
कुछ दूरी पर ही आशीष घायल हालत में पड़ा मिला। लोगों ने उसे सीएचसी कसमंडा में भर्ती कराया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। दरोगा रजितराम यादव ने पहले मामले को संदिग्ध बताया। पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने तहरीर बदलवाने की बात कही गई। एसओ दिलीप चौबे ने बताया कि मामले में जांच कर कार्रवाई की जा रही है।