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शहर से गांवों तक चरमराई बिजली व्यवस्था

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वैदेही वाटिका के पास विद्युत लाइन सही करते विद्युत कर्मी। - संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। शहर में 12 से 14 घंटे बिजली सप्लाई मिल रही है। गांवों में 18 की जगह महज सात से आठ घंटे बिजली दी जा रही है। इस दौरान भी लो वोल्टेज व ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहता है। इसकी वजह से भीषण गर्मी में लोग परेशान हो रहे हैं। किसान फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
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शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का निर्देश होने के बावजूद भी महज 12 से 14 घंटे बिजली ही लोगों को मिल पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो समस्या और भी ज्यादा गंभीर है। गांवों में छह से आठ घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। लहरपुर संवाद के अनुसार नगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बदहाल है। सिर्फ 10 से 12 घंटे ही आपूर्ति की जा रही है।
इस दौरान वोल्टेज कम होने से विद्युत उपकरण नहीं चल पाते हैं। खास बात है कि पूरे नगर में कभी भी एक साथ बिजली आपूर्ति चालू नहीं रहती है। किसी न किसी स्थान पर या तो ट्रांसफॉर्मर जल जाता या केबल जल जाती है। सेवता संवाद के अनुसार इलाके में महज 70 से 80 वोल्ट ही करंट मिल पा रहा है। इस भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं। सिर्फ सात से आठ घंटे ही बिजली मिल पाती है।
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तंबौर संवाद के अनुसार 33 केवी विद्युत उपकेन्द्र से जुड़े कस्बा व देहात के गांवों की बिजली आपूर्ति रोस्टर के मुताबिक नहीं मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में औसत आठ से दस घंटे बिजली मिल रही है। मिश्रिख संवाद के अनुसार क्षेत्र में सिर्फ 12 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। बार-बार ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान हैं।
यहां के ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे के बजाए मात्र 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति होती है। समस्या यह भी है कि कम पावर के ट्रांसफॉर्मर लगाकर अधिक कनेक्शन जोड़ दिए गए है। महोली संवाद के अनुसार उपखंड से नगरीय क्षेत्र में साढ़े 21 घंटे सप्लाई निर्धारित है। रोस्टर के मुताबिक नगर को बमुश्किल 16 घंटे की सप्लाई मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में एक-एक सप्ताह तक लोग ट्रांसफॉर्मर बदलने का इंतजार करते रहते हैं।
हफ्तों नहीं बदला जाता ट्रांसफॉर्मर
सदरपुर इलाके में बिजली की समस्या बनी हुई है। यहां पर एक ट्रांसफॉर्मर फुंक जाने के बाद हफ्ते भर तक बदला नहीं जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद ट्रांसफॉर्मर बदला जाता है। इसके बाद भी कहीं न कहीं का ट्रांसफॉर्मर फुंकता ही रहता है।
जिम्मेदार नहीं उठाते फोन
लोगों को दिक्कत होने पर वह जिम्मेदारों को फोन कर जानकारी लेने का प्रयास करते हैं। लेकिन जिम्मेदार अक्सर फोन ही नहीं उठाते हैं। जहांगीराबाद संवाद के अनुसार जेई फोन नहीं उठाते। जब लोग सांडा पावर हाउस जाकर शिकायत दर्ज कराई जाती है तो जवाब मिलता है अधिक परेशानी हो तो कनेक्शन ही कटवा लो।
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