तालगांव के एक युवक पर मंगलवार को चलती ट्रेन में गांव के ही कुछ दबंगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने 40 हजार रुपये व 60 हजार रुपये के स्टांप पेपर भी लूट लिए। युवक को रेलवे का टेंडर डालने से भी मना किया।
घटना को अंजाम देने के बाद दबंग बिसवां रेलवे स्टेशन पर ट्रेन धीमी होते ही भाग निकले। जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। हालांकि जीआरपी लूट की घटना फर्जी बता रही है। उसका कहना है कि मारपीट की शिकायत मिली थी। जांच की जा रही है।
तालगांव के मुलाहिमपुर गांव निवासी लवलेश ने बताया कि उसे बिसवां रेलवे स्टेशन पर टेंडर डालने के लिए जाना था। इसलिए सुबह सात बजे सीतापुर से गोंडा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में परसेंडी स्टेशन से सवार हुआ था। बोगी में उसके गांव के ही मुन्नालाल, पंकज, हरिशंकर, राजेश व दिनेश भी बैठ गए।
उसका आरोप है कि इन लोगों ने हमला कर दिया और 40 हजार रुपये, 60 हजार के स्टांप पेपर लूट लिए। साथ ही टेंडर के दस्तावेज छीनकर टेंडर न डालने की धमकी दी। आरोप है कि मारपीट करने के बाद उक्त लोग बिसवां रेलवे स्टेशन पर ट्रेन धीमी होते ही उतरकर गए। जिसके बाद उसने स्टेशन मास्टर व जीआरपी को सूचना दी।
खबर पाकर जीआरपी भी पहुंच गई थी। जीआरपी थाना प्रभारी विवेक मौर्या का कहना है कि घटना गलत है। लवलेश ने बताया कि वह रेलवे के गार्ड रूम में सफर कर रहा था। वहीं उसके साथ मारपीट व लूट हुई। पर जब रेलवे के गार्ड ओम प्रकाश से पूछताछ की गई तो उसने ऐसी किसी घटना से इन्कार किया।
जीआरपी थाना प्रभारी का कहना है कि लूट की घटना गलत है। जिन लोगों पर लवलेश आरोप लगा रहा है। वह उसी के परिवार के हैं और उनसे लवलेश की रंजिश है। जीआरपी का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।