करीब ढाई माह पूर्व ससुराल से लापता हुई विवाहिता का कंकाल गुरुवार को शारदा नहर से बरामद हुआ है। युवती के पिता ने भी कंकाल पर लिपटी बोरी आदि से शव की शिनाख्त कर ली है।
पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। विवाहिता के लापता होने पर उसके पिता ने पहले ही ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या कर शव गायब करने का केस दर्ज कराया था। जिसमें तीन लोग मौजूदा समय सीतापुर जेल में बंद हैं।
कोतवाल केबी सिंह के अनुसार महमूदाबाद निवासी शहबान के बेटे इस्लाम की शादी 11 अक्तूबर 2014 को रामपुर मथुरा के दैमलपुर निवासी जमालुद्दीन की बेटी शहनाज (22) के साथ हुई थी। 27 जनवरी को शहनाज लापता हो गई। इसके बाद पिता की तहरीर पर पुलिस ने शहनाज के पति, सास-ससुर, जेठ-जेठानी व ननद समेत सात लोगों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।
पति समेत तीन आरोपियोें को पुलिस ने पहले ही जेल भेज दिया था। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने बताया था कि शहनाज की झुलसकर पहले ही मौत हो हुई थी। इसके बाद उसके शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर बाबा बाग पुल के पास शारदा नहर में फेंक दिया था। शव नहर में न उतराए इसके लिए आरोपियों ने प्लास्टिक की बोरी में बालू के साथ ईंट भी भर दी थीं।
उधर, पानी बहाव तेज होने के कारण उस समय शव बरामद नहीं हो सका था। नहर का पानी बंद होने के बाद शेखपुर नहर पुल के पास से गुरुवारको कंकाल बरामद हुआ। गांव के चौकीदार अयोध्या प्रसाद की सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कंकाल की पहचान मृतका के पिता ने कपड़े से की। उसने बताया कि उसकी पुत्री को दहेज में रंगीन टीवी, चेन व एक लाख रुपये न मिलने पर मार डाला था। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।