रामकोट थाना क्षेत्र में रविवार को हाईटेंशन लाइन के टूटे पड़े तार में उलझकर करंट की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। वह खेत में फसल देखने जा रही थी, तभी तार में फंसे गई। करंट इतना जोरदार था कि उसका शरीर दो हिस्सों में बंट गया।
इस मामले में पीड़ित परिवार ने पावर कार्पोरेशन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि क्षेत्र में गुजरे बिजली के तार आए दिन टूटते रहते हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार ध्यान नहीं देते हैं। उधर, पावर कार्पोरेशन के अधिकारी इसे महज एक हादसा बता रहे हैं।
ग्राम मुसहा के निकट खेतों में हाईटेंशन लाइन का तार टूटा हुआ पड़ा था। रविवार सुबह गांव के मुर्तजा की पत्नी रहीशा (45) अपने खेत में फसल देखने जा रही थी। जैसे ही वह खेत के करीब पहुंची, टूटे पड़े तार में उसका पैर चिपक गया।
उसके पीछे पति मुर्तजा भी था, जो पत्नी को बचाने का प्रयास करने लगा, लेकिन हाईटेंशन लाइन के आगे उसकी एक न चली। पति ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया और क्षेत्र के फीडर को हादसे की सूचना दी। गांव के लोग बांस की मदद से तार को अलग करते रहे, लेकिन तार महिला के पेट में बुरी तरह से चुभ गया था।
तेज करंट से शरीर का आधा हिस्सा बुरी तरह से झुलस गया। फीडर से जब तक सप्लाई बंद की जाती, महिला के शरीर का आधा हिस्सा कट चुका था और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पावर कार्पोरेशन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
परिवार का कहना है कि इस क्षेत्र से गुजरी लाइन के तार बेहद जर्जर हैं। बहुत बार शिकायत की गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। नतीजा तार टूट गया और उसकी चपेट में आकर रहीशा की जान चली गई है।
उधर, हादसा के बाद पावर कार्पोरेशन के अधिकारी क्षेत्र के जर्जर तारों को बदलने व पीड़ित परिवार को उचित अर्थिक मुआवजा देेने की बात कह रहे हैं। पावर कार्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि यह महज एक हादसा है, तार जर्जर हैं, उसकी जानकारी पावर कार्पोरेशन के लोगों को नहीं थी।