उसने रिपोर्ट लिखवाने के लिए मंगलवार से विकास भवन के समक्ष आमरण अनशन शुरू कर दिया।
पीड़िता का कहना है चोरी के मामले में आरोपियों को नामजद करने के बावजूद एफआईआर नहीं लिखी जा रही है। कार्रवाई न होने से बेखौफ आरोपी लगातार धमकी दे रहे हैं।
सकरन के ग्राम उमराकलां निवासिनी रामकली का कहना है गांव के ही कुछ लोग फरवरी में घर मेेें घुसकर जेवर सहित करीब एक लाख का सामान चोरी कर ले गए थे। चोरों को सामान ले जाते हुए देखा था।
इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। आरोपियों के नाम भी बताए गए थे। पुलिस ने उन्हें थाने पर बुलाया, लेकिन कुछ देर बाद ही छोड़ दिया। एफआईआर दर्ज कराने के लिए कई बार गुहार लगा चुकी हूं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इससे पहले जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना दिया जा चुका है। आरोपियों पर कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद है। आए दिन जान से मारने की धमकी दे रहे है। इससे गांव में रहना मुश्किल हो रहा है। आरोपी दबंग होने के कारण परिवार को किसी भी समय जान-माल का नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पीड़िता के समर्थन में उसके परिवारीजन भी बैठे हुए हैं। उन्होंने मांग की आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। गायब माल की बारामदगी की जाए।