अमिलिया गांव निवासी अवनीश कुमार शुक्ला (30) पुत्र राजकिशोर लखनऊ की एसएसएमएस कंपनी में गार्ड था। 27 फरवरी 2015 को बदमाशों ने लखनऊ में एटीएम लूट के दौरान गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। घटना के एक साल बीतने के बाद भी पुलिस अब तक हत्यारों का पता नहीं लगा सकी है।
घटना की गुत्थी उलझी है। वहीं परिवार के लोग आज भी उस मनहूस दिन को याद कर सिहर जाते हैं। पत्नी कुमुद घटना को याद कर बिलख पड़ती हैं। वह कहती हैं कि पति अब दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके कातिल अभी तक पकड़े नहीं जा सके हैं। इसका मलाल है।
परिवारवालों के मुताबिक घटना के बाद मृतक की पत्नी कुमुद शुक्ला को कंपनी ने डेढ़ लाख रुपये, बीमा का एक लाख व सरकार द्वारा पांच लाख रुपये मुआवजे के तौर पर मिले थे। 11 वर्षीया बेटी वांक्षा शुक्ला महोली के उमाशंकर इंटर कॉलेज में कक्षा छह में पढ़ती है।
उसकी मां व चाचा प्रदीप देखभाल करते हैं। पिता को याद करते हुए मासूम की आंखों में आंसू आ जाते हैं। परिवार मुसीबतों से मुकाबला करते हुए जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
लखनऊ में एटीएम लूटकांड में मारे गए दूसरे युवक का परिवार हादसे के पहले से ही लखनऊ में रह रहा है। अवनीश के साथ ही महोली क्षेत्र के बीसूपुर गांव निवासी अरुण सिंह भी बदमाशों की गोली का शिकार हुआ था। दिवंगत अरुण का पूरा परिवार लखनऊ के ठाकुरगंज में मकान बना कर रहता है।