पेट्रोल पंपों पर घटतौली व मिलावट को लेकर भले की प्रदेश सरकार छापेमारी कर रही हो लेकिन जिले के पंप संचालक इससे सबक लेते नजर नहीं आ रहे हैं। शनिवार को शहर के प्रकाश पेट्रोल पंप से जिसने भी वाहन में पेट्रोल भरवाया, उसके वाहन कुछ दूर चलकर ही बीच रास्ते में बंद हो गए। लोगों ने जब बाइक मैकेनिक को दिखाई तो पता चला कि पेट्रोल में पानी मिला हुआ था, जिससे बाइक खराब हो गई।
धीरे-धीरे पेट्रोल पंप पर 100 के करीब लोग अपने वाहन लेकर पहुंच गए। जमकर हंगामा किया। सूचना पाते ही भारी संख्या में पुलिस बल, प्रशासन व पूर्ति विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिन्होंने कार्रवाई का भरोसा देकर भीड़ को शांत किया। शहर में माल गोदाम के निकट प्रकाश पेट्रोल पंप है। शनिवार को इस पंप पर जिसने भी अपने वाहन में तेल डलवाया, उसके वाहन रास्ते में ही खड़े हो गए।
बाइक खराब होने पर दुर्गापुरवा के नजरुद्दीन बाइक की टंकी लेकर पेट्रोल पंप पहुंच गए। वह कहने लगे कि उसने अपनी बाइक में 1000 रुपये का पेट्रोल डलवाया था। बाइक लेकर कुछ ही दूरी पर पहुंचा था, कि गाड़ी बंद हो गई। सेल्फ इस कदर लगाया कि बैट्री ही डाउन हो गई। बाइक को मिस्त्री के पास ले गया, तब पता चला कि टंकी में मौजूद पेट्रोल में पानी मिला हुआ है।
इसी तरह से सदर के मंजीत, आवास विकास कॉलोनी के श्याम बिहारी, सुदामापुरी के मेराज, लालबाग के विशाल मेहरोत्रा, परसेंडी के मलजीत, कनवा खेड़ा के अमरेंद्र आदि सौ से अधिक संख्या में वाहन स्वामी पेट्रोल पंप पर अपनी गाड़ी लेकर पहुंचे थे। सभी का एक ही दर्द था कि उन्होंने वाहन में तेल तो डलवाया, लेकिन बाइक मिस्त्री के पास पहुंच गई।
उधर, हंगामे की सूचना पाते ही एसडीएम प्रभाकांत अवस्थी, जिला पूर्ति अधिकारी अभय सिंह भारी पुलिस बल के साथ पेट्रोल पंप पर पहुंचे। अधिकारियों ने वहां मौजूद भीड़ को आश्वासन दिया कि वे जांच कर रहे हैं। कमी पाए जाने पर पेट्रोल पंप मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने पेट्रोल पंप से पेट्रोल का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है। समाचार लिखे जाने तक अधिकारी खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे, सूत्रों की माने तो पेट्रोल में 50 प्रतिशत तक पानी मिला हुआ था।