आरक्षी भर्ती में फर्जी दस्तावेज लगाने वाले दोनों आरोपी सीतापुर पुलिस की गिरफ्त में।
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11वीं वाहिनी पीएसी प्रांगण में चल रही पुलिस आरक्षी भर्ती में फर्जीवाड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी दो जालसाज फर्जी अभिलेखों के साथ पकड़े गए। पकड़े गए दोनों जालसाजों को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले में तहरीर आने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी मंगलवार व बुधवार को चार लोगों को फर्जी अभिलेख के सहारे भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के दौरान दबोचा जा चुका है।
11वीं वाहिनी पीएसी प्रांगण में इन दिनों पुलिस आरक्षी के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। गुरुवार को भी यहां भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। पुलिस भर्ती बोर्ड के सदस्य अभ्यर्थियों को बुलाकर उनके दस्तावेज जांच रहे थे। इस बीच बागपत जिले के छपरौली थाना क्षेत्र के बदरखा निवासी प्रशांत कुमार पुत्र प्रमोद के दस्तावेज फर्जी पाए गए। उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
इसी तरह बागपत जिले के ही दोगट इलाके के दहार गांव निवासी शोभित पुत्र हरवीर सिंह को भी फर्जी कागजात के साथ पकड़ा गया। आरोपियों को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। बताते हैं कि ये लोग फर्जी अंकपत्र व अन्य दस्तावेज के बल पर पुलिस आरक्षी में भर्ती होने आए थे।
जांच में इनके कागजात गलत पाए गए, जिसके चलते दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। इंस्पेक्टर विनय गौतम का कहना है दो लोगों को पुलिस भर्ती में फर्जी दस्तावेज दिखाने के आरोप में पकड़ा गया है। तहरीर आने पर इन दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।