मारपीट के एक मामले में समन देने आरोपी के गांव पहुंचे एक सिपाही को घरवालों ने बंधक बना लिया। कमरे में बंद कर उसकी जमकर धुनाई की। उसकी वर्दी भी फाड़ डाली। उधर, हंगामे की खबर पाकर ग्रामीण भी एकजुट हो गए। किसी तरह बीच-बचाव कर ग्रामीणों ने सिपाही को मुक्त कराया।
वहीं खबर पाकर इमलिया थाने की फोर्स भी पहुंच गई। हालांकि फोर्स पहुंचने से ही आरोपी परिवार के अधिकतर लोग भाग निकले। इस मामले में पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। जिसमें चार महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है।
इमलिया सुल्तानपुर थाने में तैनात सिपाही सत्येंद्र कुमार बेलरा निवासी कौशलेंद्र को मारपीट के एक मामले का समन देने उसके घर गया था। सिपाही ने जब समन आने की बात कही, तो परिवार ने उसे लेने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर सिपाही व कौशलेंद्र के परिवारीजनों में कहासुनी होने लगी।
इससे पहले कि सिपाही कुछ समझ पाता, कौशलेंद्र का परिवार सिपाही को पीटने लगा और उसे पीटते हुए कमरे में खींच ले गया। आरोप है कि कमरे में बंद करके परिवार के लोगों ने सिपाही को जमकर पीटा। वहीं सिपाही की पिटाई की बात सुन गांव के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने हस्तक्षेप कर सिपाही को किसी तरह मुक्त कराया।
उधर, सूचना पाकर इमलिया थाने से फोर्स भी गांव के लिए रवाना हो गई। लेकिन पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही कौशलेंद्र के परिवार के अधिकांश सदस्य मौके से भाग निकले। पुलिस ने मौके से कौशलेंद्र की पुत्री सुनीता देवी व शैलेंद्री को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में सिपाही सत्येंद्र कुमार ने बेलहरा निवासी कौशलेंद्र, उसके पुत्र अशोक, पिंटू, अनुराग, पुत्री सुनीता देवी, पूनम, शैलेंद्री देवी, बबली व राधा के खिलाफ इमलिया सुल्तानपुर थाने में तहरीर दी है। थानाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने बताया कि सिपाही की तहरीर पर कौशलेंद्र समेत 9 लोगों के खिलाफ मारपीट, जान से मार देने की धमकी, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।