एक महिला से दुराचार के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 13 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने की दशा में आरोपी को 13 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
संदना थाना क्षेत्र के एक मजरा निवासी महिला 10 मार्च 1996 को सुबह सुसराल से माता-पिता के घर आई थी।
जब वह गांव के दक्षिण नित्यकर्म के लिए गई तो वहां केदार, उसका भाई महावीर व एक अन्य चंद्रकेत ने उसके साथ दुराचार किया। शोर पर जब गांव के मोलहे व गनेश मौके पर पहुंचे तो तीनों आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गए। इस मामले में पीड़ित ने संदना थाने में तहरीर दी थी।
मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने महावीर व चन्द्रकेत को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जबकि केदार को 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।