दो पक्षों के विवाद में सुलह के दौरान पहुंचे पुलिसकर्मी भीड़ देख भड़क गए। उन्होंने ग्रामीणों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दी। जब एक किशोर ने विरोध किया तो उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।
पिटाई के बाद किशोर अपने परिवारीजनों के साथ थाने पहुंचा तो सुनवाई नहीं हुई। उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत की है। हालांकि थानगांव एसओ का कहना है कि पुलिस पर पिटाई का आरोप लगा कर कोई थाने नहीं आया है।
बताते हैं कि थानगांव इलाके के ईंटगांव में एक विवादित जमीन पर पेड़ लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद था। जिसे सुलझाने के लिए ग्रामीण आपस में पंचायत कर रहे थे। इसकी सूचना पाकर वहां थाने के दो पुलिसकर्मी पहुंच गए। सूत्र बताते हैं कि पंचायत के दौरान ग्रामीणों की भीड़ देखकर पुलिसकर्मी भड़क गए।
पुलिस वालों ने ग्रामीणों को खदेड़ने के लिए लाठियां भांजनी शुरू कर दी। इस दौरान वहां मौजूद गांववासी दिलीप भार्गव (16) पुत्र स्व. सियाराम ने विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने उसको जमकर पीटा। घटना को लेकर दिलीप व उसके परिवारीजन का आरोप है कि उसे आरक्षी श्याम सिंह व सुरेश ने बुरी तरह पीटा है।
आरोप है कि जब वह थाने शिकायत करने पहुंचा तो एसओ ने उसे भगा दिया। जिसके बाद उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। इस बारे में एसओ अमित प्रताप सिंह का कहना है कि गांव में दो पक्ष भिड़े थे। पुलिस टीम वहां गई थी। जमा भीड़ को पुलिसकर्मियों ने भगाया था।
मारपीट का मामला सामने नहीं आया। जहां तक थाने से भगाने का सवार है तो कोई थाने शिकायत लेकर आया ही नहीं। यदि कोई शिकायत आती तो जांच कर कार्रवाई की जाती। एएसपी सुभाष चंद गंगवार का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। किसी को बेवजह पीटने का कोई सवाल नहीं है। वैसे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।