हत्या के एक मामले मेें पूछताछ के लिए लाया गया आरोपी पुलिस को चकमा देकर कोतवाली से भाग निकला। घटना से कोतवाली में हड़कंप मच गया। फजीहत होते देख महमूदाबाद पुलिस मामले से इन्कार कर रही है।
उधर, एसपी ने भी घटना की जानकारी से इन्कार किया है। लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके के खेरवा चंद्रतारा गांव निवासी खलील (45) की मंगलवार को धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी।
मामले में कोतवाली पुलिस बाराबंकी के फतेपुर निवासी खुर्शीद नाम के एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए पकड़ कर लाई थी। बुधवार भोर उसे हवालात में बंद किया गया था। सुबह करीब पांच बजे चौकीदार रामू की निगरानी में उसे नित्यक्रिया के लिए कोतवाली परिसर में बने शौचालय ले जाया गया।
इसी बीच वह चकमा देकर भाग निकला। जिसके बाद कोतवाली में हड़कंप मच गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक खलील की हत्या के मामले में पकड़ कर लाए गए व्यक्ति से पूछताछ करनी थी, लेकिन पूछताछ से पहले ही वह भाग निकला।
हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस ने दस हजार के वांछित एक अपराधी को दबोचा था। उसे हवालात में बंद किया गया था, जहां से वह भाग निकला। घटना को लेकर कोतवाली पुलिस फजीहत होते देखकर चुप्पी साधे हैं।
घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक कवींद्र प्रताप सिंह का कहना है कि महमूदाबाद कोतवाली से किसी आरोपी के भागने की कोई सूचना नहीं है। इंस्पेक्टर डीके शाही का कहना है कि न ही किसी को पकड़ कर लाया गया था और न ही किसी अपराधी के थाने से भागने की घटना हुई है।