एग्जाम न कराने से नाराज रेनू-महेश एकेडमी से बी-फार्मा कर रहे छात्रों ने गुरुवार को कॉलेज में जमकर हंगामा किया। नाराज छात्रों ने जमा फीस वापस करने की मांग को लेकर संस्थान के डायरेक्टर व भाजपा नेता डॉ. महेश गुप्ता को बंधक बना लिया। बवाल के बीच छात्रों ने उनका मोबाइल छीन लिया। धक्का-मुक्की भी हुई। दो घंटे तक अफरातफरी रही।
उधर, सूचना पाकर मौके पर पहुंची रामकोट पुलिस ने छात्रों को किसी तरह समझाया और डॉ. महेश को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पीछे से छात्र भी थाने पहुंच गए। छात्र फीस की दोगुनी रकम वापस करने की मांग को लेकर देर शाम तक थाने पर ही डटे रहे।
पुलिस का कहना है चिकित्सक पर धोखाधड़ी का केस पहले से ही दर्ज है। मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। शहर के वरिष्ठ चिकित्सक व भाजपा नेता डॉ. महेश गुप्ता का रेनू-महेश एकेडमी के नाम से रामकोट में संस्थान है। इनके कॉलेज में करीब 40 छात्रों ने बी-फार्मा में दाखिला लिया था। एक साल का कोर्स पूरा होने के बाद भी परीक्षा नहीं कराई जा सकी।
इस बीच छात्रों ने फीस वापस न करने पर 27 सितंबर को रामकोट थाने में कॉलेज के निदेशक पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करा दिया था। मामले में दबाव बढ़ते देख डॉ. महेश गुप्ता ने गुरुवार को छात्रों को परीक्षा देने के लिए बुलाया था। गुरुवार को कई छात्र तय समय से परीक्षा देने संस्थान पहुंचे। यहां एग्जाम में छात्रों को फोटोकॉपी कराकर पेपर बांट दिए गए।
पेपर देख छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों ने धोखा देने का आरोप लगाते हुए संस्थान के डायरेक्टर डॉ. महेश गुप्ता को कार्यालय में ही बंधक बना लिया। छात्रों ने उनका मोबाइल छीन लिया। इस बीच धक्का-मुक्की भी की। उधर, बवाल की खबर पाते ही रामकोट थाने की फोर्स मौके पर पहुंच गई।
पुलिस के पहुंचने पर भी छात्र हंगामा करते रहे। छात्रों ने बताया कि साल बर्बाद हुआ है। लिहाजा उन्हें फीस की दोगुनी रकम दी जाए। छात्रों का गुस्सा भांप पुलिस ने डॉ. महेश गुप्ता को हिरासत में लेकर किसी तरह थाने पहुंचाया। इस दौरान छात्र भी थाने पहुंच गए। एसओ चंद्रभान यादव का कहना है कि वह एक केस के मामले में बाहर हैं। चिकित्सक महेश गुप्ता पर पहले से ही केस दर्ज है। छात्र भी थाने पर हैं। मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।