शहर कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने गुरुवार को शहर के एक नामी चिकित्सक के अपहरण की साजिश रच रहे छह शातिर बदमाशों को दबोचा है। बदमाशों के पास से पुलिस ने एक पिस्टल, पांच तमंचे, कारतूस व एक बोलेरो बरामद की है।
हालांकि इस साजिश को रचने वाला मास्टर माइंड पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। पकड़े गए लोगों में एक आरोपी हत्या के मामले में सजा पाकर अपील पर छूटा हुआ है। एसपी ने बदमाशों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
एसपी ने बताया कि शहर के अंबेडकर नगर मोहल्ले में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व पूर्वमंत्री के आवास के पास दिसंबर 2007 में एक प्रधान को बम से उड़ा देने का मुख्य आरोपी रामकोट के अर्थाना निवासी सुमन मिश्रा पैरोल पर जेल से बाहर है।
इसी दौरान उसने शहर के एक नामी फिजिशियन व शिक्षा कार्य से जुड़े व्यक्ति के अपहरण की साजिश रच डाली। वहीं हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा में अपील पर छूटे शातिर अपराधी सुमित शुक्ला भी इसमें शामिल हो गया। इसी बीच मुखबिरों से पुलिस को भनक लग गई।
जिसके बाद कोतवाल दीपक शुक्ला व क्राइम ब्रांच टीम ने अपहरण की साजिश रच रहे बदमाशों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर पुलिस ने गुरुवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के शाह महोली इलाके में घेराबंदी कर सुमन मिश्रा गैंग के छह लोगों को दबोच लिया।
हालांकि सुमन पुलिस के हाथ नहीं लगा, लेकिन पुलिस ने रामकोट क्षेत्र के नेवादा मंसूरपुर निवासी सुमित शुक्ला, इमलिया सुल्तानपुर के हरखपुर निवासी संजीत कुमार, इसी क्षेत्र के निजामपुर देवाई निवासी राहुल कुमार, बख्तावरपुर निवासी अनिल कुमार उर्फ अखिलेश वर्मा, महोली के अंदापुर व हालपता रिछाही निवासी शैलेंद्र कुमार वर्मा, महोली के अंदापुर व हालपता रामकोट के खूबरपुर निवासी सुरेंद्र कुमार वर्मा को दबोच लिया।
पुलिस ने इन लोगों के पास से पांच तमंचे, कारतूस, एक पिस्टल व बोलेरो बरामद की है। एसपी का कहना है कि सुमन व सुमित बेहद शातिर अपराधी हैं। इन लोगों ने चिकित्सक को अगवा करने के बाद फिरौती में भारी रकम वसूलने का प्लान बनाया था। यदि ये लोग पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ते तो शीघ्र ही वारदात को अंजाम दे डालते।
पैरोल पर जेल से बाहर है शातिर सुमन
एएसपी डॉ. ओपी सिंह का कहना है कि शहर में दिसंबर 2007 को पूर्वमंत्री व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के घर के ठीक सामने रामकोट के अर्थाना प्रधान को बम से उड़ा दिया था। इस मामले में सुमन पर गैंगेस्टर व एनएसए लगा था।
उसे प्रशासनिक ट्रांसफर पर सीतापुर जेल से लखीमपुर फिर वहां से बहराइच जेल भेजा गया था। कोर्ट ने दो मई को दो माह के पैरोल पर उसे छोड़ा था। पैरोल पर छूटने के लिए उसने अपनी मां की बीमारी का हवाला दिया था। दो अगस्त को उसे जेल जाना था, लेकिन उसे 15 दिन का अतिरिक्त पैरोल मिल गया था। इसी बीच उसने यह साजिश रच डाली।
3 बार ब्लॉक प्रमुखी चुनाव लड़ चुका शातिर सुमित
जिले के महोली ब्लॉक क्षेत्र से सुमित शुक्ला तीन बार प्रमुखी पद के लिए चुनाव लड़ चुका है। महोली ब्लॉक प्रमुख बनने के लिए उसने तीन बार जोर आजमाइश की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। उसने अपने परिवार के लोगों को भी चुनाव जितवाया। इस बार जिला पंचायत सदस्य पद के लिए पत्नी को चुनाव लड़वाया था, लेकिन वह हार गई थी।
गुलशन कुमार हत्याकांड में भी उछला था सुमित का नाम
सुमित का नाम मुंबई के गुलशन कुमार हत्याकांड में भी उछला था। नेपाल में अंडरवर्ल्ड से जुड़े एक शूटर की हत्या में भी सुमित के शामिल होने की चर्चाएं थीं। सूत्र बताते हैं कि यह प्रदेश के बाहर भी जेल में रह चुका है। दबी जुबान पुलिस भी इसकी पुष्टि कर रही है, लेकिन पुलिस खुलकर नहीं बोल रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन मामलों को लेकर पूछताछ की जाएगी।
अपील पर जेल से छूटा था सुमित
करीब एक दशक पूर्व सब्जीमंडी में हुई व्यापारी की हत्या के मामले में सुमित सजायाफ्ता है, लेकिन अपील पर वह बाहर था। सूत्र बताते हैं कि हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा हो गई थी। जिसके बाद उसने अपील की थी। अपील मंजूर होने पर वह जेल से बाहर आ गया था।