रेउसा के रेवान गांव में एक बाबा की शुक्रवार देर रात कुटी में ही धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मामले में पत्नी ने गांव के ही दो लोगों को नामजद किया है। पत्नी का आरोप है कि मठ पर कब्जा करने व चढ़ावे की रकम के बंटवारे को लेकर उसके पति की हत्या की गई है। पुलिस ने बाबा के साथ कुटी में रह रहे एक युवक को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
रेवान गांव में लगभग 10 सालों से गांव के पश्चिम रेवान-सांडा मार्ग के किनारे बांधेपुरवा निवासी गोधी (60) एक कुटी बनाकर रह रहा था। कुटी में ही वह झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र करता था। साथ ही वह काली माता मठ की देखभाल भी करता था।
इस वजह से गांव के लोग उन्हें बाबा पुकारते थे। जबकि पत्नी और बच्चे पड़ोस में ही स्थित बांधेपुरवा गांव में रह रहे हैं। बाबा कुटी पर ही रहता था। ग्रामीणों की मानें तो पिछले कुछ दिनों से एक बाहरी युवक भी बाबा के पास चेला बनकर रह रहा था।
शुक्रवार देर रात कुटी में बाबा की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। ग्रामीणों की सूचना पर रेउसा थानाध्यक्ष राजकुमार जयलाल सरोज मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बाबा के कथित चेले को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का दावा है कि पकड़े गए कथित चेले की हरकतें व बयान संदिग्ध लग रहे हैं। जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया है। पुलिस की मानें तो चेले ने बताया है कि शुक्रवार रात दो लोग कुटी पर पहुंचे थे। बाबा ने उनसे अंदर आकर चिलम पीने की बात कही।
जिसके बाद वह नित्यक्रिया के लिए चला गया। वापस पहुंचा तो बाबा की लाश पड़ी थी। पुलिस का कहना है कि बाबा के चेले की पहचान हरदोई निवासी छोटे उर्फ छोटेलाल के रूप में हुई है। उधर, गोधी की पत्नी राजकुमारी ने इस मामले में गांव के ही पंडा व कुलवंत पुत्रगण सरवर को नामजद करते हुए तहरीर दी है।
उसका कहना है कि पंडा व कुलवंत मठ पर कब्जा करना चाहते थे। साथ ही वह चढ़ावे की रकम भी मांगते थे। इसी वजह से इन लोगों ने पति की हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।