पिसावां थाना क्षेत्र में शनिवार रात नकाबपोश डकैतों ने तीन घरों में डाका डाला। डकैतों ने परिवारों को बंधक बनाकर साढ़े चार लाख का माल लूट लिया। पीड़ितों ने थाने में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने घटनाओं को चोरी की धाराओं में दर्ज किया है। वहीं पीड़ितों का कहना है कि उनके घर डकैती पड़ी, लेकिन पुलिस ने मनमानी तहरीर ली।
पिसावां के ग्राम पिपरी निवासी सोने लाल शनिवार रात कमरे की छत पर सो रहा था। परिवार आंगन में लेटा था। आधी रात छह सशस्त्र नकाबपोश डकैतों ने वहां धावा बोल दिया। डकैतों ने पूरे परिवार को बंधक बना लिया।
परिवार ने विरोध किया, तो डकैतों ने पिटाई भी की। असलहों के बल पर डकैत 48 हजार रुपये, जेवर, बर्तन आदि लूट ले गए। डकैतों ने सोनेलाल के पड़ोसी फूलमती के घर भी धावा बोला। फूलमती का परिवार भी सो रहा था, डकैतों ने फूलमती के परिवार को भी बंधक बना लिया।
यहां भी डकैतों ने परिवार को धमकाते हुए 30,200 रुपये, जेवर बर्तन लूट लिया। इसी रात बदमाशों ने दधनामऊ निवासी गोकरन राठौर के घर का दरवाजा खटखटाया। डकैतों ने कहा कि पानी चाहिए।
जैसे ही परिवार के मुखिया ने घर का दरवाजा खोला, डकैत घर में घुस गए। जिसके बाद डकैतों ने परिवार को बंधक बना लिया। यहां जब परिवार ने लूटपाट का विरोध किया, तब डकैतों ने उनकी भी पिटाई और 3 हजार की नकदी व जेवर लूट लिए।
डकैतों के जाने के बाद परिवारों ने पुलिस को सूचना दी। तीनों पीड़ितों ने इस संबंध में पिसावां थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने इस मामले में चोरी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। जबकि परिवार का कहना है कि वे जाग रहे थे, उन्हें छह बदमाशों ने बंधक बनाया, धमकाया और मारपीट भी की।
जिसके बाद लूटपाट की। अब पुलिस इस मामले को चोरी में दर्ज कर रही है। थानाध्यक्ष जय शंकर सिंह इन घटनाओं को चोरी ही बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि घटनाओं की रिपोर्ट चोरी की धाराओं में दर्ज की गई है, जांच की जा रही है।