पुलिस स्टेशन पर प्रदर्शन करते मजदूर।
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सैकड़ों किसान-मजदूर गुरुवार को सड़कों पर उतरे और जुलूस निकाला तथा नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सभी मनरेगा में बकाया भुगतान न मिलने से खफा थे। बाद में प्रदर्शनकारियों ने शहर कोतवाली का घेराव किया और भुगतान में देरी के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। सूचना पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें किसी तरह से समझा-बुझाकर शांत कराया।
मालूम हो कि मनरेगा में सीतापुर जिले के सैकड़ों व हजारों मजदूरों का मेहनताना बकाया है। बावजूद इसके जिम्मेदारों ने इनका बकाया भुगतान नहीं किया है। भुगतान के अभाव में मनरेगा मजदूर आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। यही नहीं उनके साथ खुद व परिवार का भरण-पोषण करने में दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
बकाया भुगतान की मांग को लेकर गुरुवार को मिश्रिख व पिसावां, महोली आदि ब्लॉकों से मजदूर-किसान जिला मुख्यालय पहुंचे और यहां पर संगतिन किसान मजदूर संगठन के बैनर तले जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। बाद में प्रदर्शनकारी मनरेगा में बकाया भुगतान न मिलने पर कोतवाली परिसर पहुंच गए और वहां पर घेराव कर प्रदर्शन किया। ्
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोषी ठहराया। साथ ही तहरीर देकर पीएम के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नरेगा कानून के क्रियान्वयन के लिए सीधे भारत सरकार जिम्मेदार है। प्रधानमंत्री होने के नाते नरेंद्र मोदी की इस काम के लिए खुद की जवाबदेही है। पिछले पांच वर्षों में लगातार इस योजना का बजट घटाया जा रहा है। जिसकी वजह से समय पर मजदूरी भुगतान नहीं हो पा रहा है।
बड़ी संख्या में मजदूर भूख और गरीबी से जूझ रहे हैं। गरीबी के कारण नरेगा में काम करने को मजबूर है। लेकिन हमें मजदूरी नहीं दी जा रही है। यह संविधान का उल्लंघन है। यह हम सबको हानि पहुंचाने के इरादे से किया जा रहा है। इसको लेकर कोतवाली परिसर में प्रदर्शन किया। पीएम के खिलाफ तहरीर दी है। प्रदर्शन में जमुना, मनोहर, कमला, प्रकाश आदि शामिल थे।