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एसपी से मिलने से रोका तो जाम किया सीतापुर-गोला मार्ग

Fri, 07 Jul 2017 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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जमा पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी ऑफिस जाने से रोकने पर नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को सीतापुर-गोला मार्ग पर फर्रकपुर चौराहे के पास जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे तक मुख्य मार्ग जाम रहा।
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इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई। बाद में एसओ के आश्वासन पर लोग माने। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है। इमलिया सुल्तानपुर के फदिलापुर गांव निवासी कुलदीप की लाश 27 जून को रामपुर नयागांव के निकट संदिग्ध हालात में फंदे पर लटकती मिली थी।

पुलिस मामले को खुदकुशी बता रही थी, जबकि युवक के पिता ने गौतम, दिवाकर, सुदर्शन, बबलू व एक युवती पर हत्या करने का आरोप लगाया था। मुन्नलाला का आरोप है कि पुलिस तीन दिन तक तो मुकदमा दर्ज कराने के बजाय उसे टरकाती रही।
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बड़े दबाव व मुश्किल से पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया, लेकिन कार्रवाई नहीं की। कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपी खुलेआम घूम रहे थे।

इससे नाराज होकर मुन्नालाल अपने परिवारीजनों, रिश्तेदार व ग्रामीणों को लेकर शुक्रवार को ट्रैक्टर ट्रॉली से एसपी की मुलाकात के लिए निकला था। उसका आरोप है कि जब वह क्षेत्र के फर्रकपुर गांव के पास पहुंचा तो पुलिस ने बल प्रयोग कर उन लोगों को रोक लिया और एसपी कार्यालय नहीं जाने दिया।

इससे नाराज लोगों ने सीतापुर-गोला मार्ग पर जाम कर दिया। बताते हैं कि जाम लगाकर महिलाओं आदि ने जमकर हंगामा किया। करीब तीन घंटे तक लोग जाम लगाए रहे, जिससे सीतापुर-गोला मार्ग पर आवागमन बाधित रहा।

कई किलो मीटर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बवाल बढ़ता देखकर इमलिया पुलिस के होश उड़ गए। आननफानन एसओ दयाशंकर सिंह मौके पर पहुंचे। उनकी मदद में एसओ रामकोट राजेंद्र शर्मा, महिला थाना प्रभारी अंकिता वर्मा भी मय फोर्स के भेजी गईं।

इन लोगों ने ग्रामीणों की मान-मनौव्वल की। साथ ही आरोपियों के खिलाफ शीघ्र ही कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद लोग माने और वापस गांव लौट रहे। जाम खुलने व ग्रामीणों के वापस गांव चले जाने के बाद इमलिया पुलिस ने राहत की सांस ली।

मामले को लेकर थानाध्यक्ष दया शंकर सिंह ने बताया कि प्रार्थना पत्र मिलते ही नामजद मुकदमा संबंधित धाराओं में दर्ज कर लिया गया था। कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिल रहे हैं। सुबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है। दबिश भी दी गई, लेकिन सभी आरोपी फरार हैं।  
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