जनपद में बिहार प्रांत की दवाएं सप्लाई की जा रही है। जिला अस्पताल में पैरासिटामॉल सीरप मरीजों को मिल रहा है। जिला औषधि निरीक्षक नवीन कुमार ने शुक्रवार को जिला अस्पताल में छापा मारकर करीब 14 हजार बॉटल सीरप सील कर इसका नमूना भी भरा है। इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
वही जनपद में बिहार का सीरप कैसे पहुंचा, इसे लेकर सीएमओ ने शासन को पत्र लिखा है। जिला अस्पताल में पैरासिटामॉल सीरप मरीजों को दी जा रही है। इस सीरप का प्रयोग बुखार में किया जाता है। जनपद में उत्तर प्रदेश की ही दवाएं सप्लाई करने की अनुमति है।
एक शिकायत के आधार पर जिला औषधि निरीक्षक नवीन कुमार ने शुक्रवार को अस्पताल के भंडारगृह में छापा मारा। यहां से करीब 14 हजार सीरप की बॉटल बरामद की। इनको एक कमरे में रख के सील कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. ध्रुवराज सिंह ने इसे लेकर शासन को पत्र लिखा है। जिला औषधि निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि दवा तो ठीक है पर यह गलत तरीके से जनपद में सप्लाई हो रही थी।
रायबरेली में बिहार प्रांत की दवाएं पकड़े जाने के बाद सीएमओ ने सीएमएस को पत्र लिखा था। जिसके जरिए अस्पताल में मौजूद दवाओं को चेक करते हुए ही वितरण करने के निर्देश दिए थे। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इस निर्देश को दरकिनार करते हुए बिहार के सीरप बांटता रहा। जबकि इससे पहले हिदायत दी जा चुकी थी।
जिला औषधि निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया इन दवाओं की खरीद सीधे शासन से होती है। इसमें जनपद का कोई रोल नहीं है। सीएमएस से दवा आपूर्तिकर्ता कंपनी के बारे में जानकारी मांगी गई है। उसके बाद ही पता चल सकेगा आखिर किस कंपनी द्वारा यहां पर दवा दी जा रही थी।