एंटी करप्शन अफसर बनकर शहर कोतवाल पर रौब गांठने वाले एक युवक को पुलिस ने रोडवेज बस स्टैंड के पास से रविवार को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि युवक व उसका साथी नशे में धुत थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे जेल भेजा जा रहा है।
शहर कोतवाल के सीयूजी नंबर पर शनिवार देर शाम एक व्यक्ति ने रोडवेज बस स्टैंड से फोन कर मदद मांगी। उसने खुद को एंटी करप्शन विभाग का स्टेट चीफ बताकर शहर कोतवाल को अर्दब में लेने की कोशिश की। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब जांच की तो पता चला कि नशे में धुत युवक की बाइक की चाबी गुम हो गई थी।
चाबी न मिलने पर उसने नशे में ही खुद को अफसर बताते हुए पुलिस पर रौब गांठा। मामला फर्जी लगने पर पुलिस उसे कोतवाली ले आई। यहां पूछताछ में उसने अपना नाम लखनऊ के बिजनौर निवासी सचिन ओझा पुत्र चंद्रभूषण ओझा बताया। सचिन के साथ मौजूद उसके साथी घनश्याम को भी पुलिस कोतवाली ले आई।
हालांकि बाद में घनश्याम को छोड़ दिया गया। पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला है कि आरोपी युवक सचिन के पिता एंटीकरप्शन के नाम से चलने वाली एक प्राइवेट संस्था में तैनात हैं। उन्हीं के पद को इस्तेमाल करते हुए युवक ने खुद को एंटी करप्शन का स्टेट चीफ बताया था। पुलिस का कहना है कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को जेल भेजा जा रहा है।