सूदखोरों से तंग एक दूधिया मंगलवार दोपहर शारदा नहर में कूद गया। परिवारीजनों ने गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश की लेकिन खबर लिखे जाने तक उसका पता नहीं चल सका था। बताते हैं कि दूधिए ने बेटे की शादी में 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था। हालांकि घटना को लेकर मृतक के परिवारीजन ने किसी सूदखोर के खिलाफ तहरीर नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।
बिसवां कस्बे के झझर मोहल्ला निवासी श्रीराम (45) दूध का कारोबार कर अपने पांच बेटों व तीन बेटियों का भरण-पोषण करता था। मंगलवार दोपहर श्रीराम बिसवां कस्बे के पास ही शारदा सहायक नहर में कूद गया। जानकारी होने पर लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन उसका पता नहीं चला।
पुलिस व ग्रामीण गोताखोरों की मदद से उसे नहर में तलाशा गया लेकिन कोई खबर नहीं मिली। श्रीराम के बेटे नरेश की 26 फरवरी को शादी हुई थी। शादी के लिए श्रीराम ने मोहल्ले के ही कुछ सूदखोरों से 15 फीसदी ब्याज पर 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। इस दौरान कर्ज देने वाले उसके पीछे पड़े थे।
वह लोग कर्ज को मय ब्याज के मांग रहे थे, लेकिन श्रीराम की माली हालत ठीक नहीं चल रही थी। जिसके कारण वह परेशान चल रहा था। सूत्र बताते हैं कि इसी वजह से श्रीराम ने नहर में छलांग लगा दी। परिवार के लोग दबी जुबान कर्ज वाली बात स्वीकार भी कर रहे हैं, लेकिन किसी सूदखोर के खिलाफ अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।
नरेश ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि पिता मानसिक रूप से बीमार हैं। इंस्पेक्टर केके मिश्रा का कहना है कि नहर में छलांग लगाने वाले श्रीराम को गोताखोरों की मदद से खोजा जा रहा है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।