लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के दो गांवों में सोमवार रात डकैतों ने जमकर कहर बरपाया। डकैतों ने एक घर में लूटपाट का विरोध करने पर युवक के हाथ बांधकर उसे गोली से उड़ा दिया और परिवार की महिलाओं समेत अन्य लोगों की जमकर पिटाई की। इसके बाद नगदी व गहने लूटकर भाग गए।
इससे कुछ देर पहले ही डकैतों ने पास के एक अन्य गांव में भी दो घरों पर धावा बोला। मगर एक घर में ही लूटपाट कर सके। डकैतों ने खुद को पुलिस बताकर इन सभी घरों के दरवाजे खुलवाए थे। इन घटनाओं से पूरे क्षेत्र में दहशत है। जबकि पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है।
लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के अहलादपुर निवासी दामोदर सोमवार रात घर के बाहर चारपाई पर सो रहा था। देर रात ढाई बजे डकैतों ने वहां धावा बोला और दामोदर को असलहों के बल पर बंधक बनाकर खुद को पुलिस बताते हुए दरवाजा खुलवाने को कहा। इससे घबराए दामोदर ने परिवारीजनों को जगाकर दरवाजा खुलवाया।
इस पर डकैतों ने घर में घुसकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया। इसके बाद घर में रखी 10 हजार की नगदी, सोने-चांदी के जेवर आदि सामान लूट लिया। परिवार की महिलाओं ने विरोध किया तो, डकैतों ने उनकी पिटाई भी की। इसके बाद डकैतों ने गांव के सुनील के घर धावा बोला। वहां भी डकैतों ने खुद को पुलिस बताते हुए दरवाजा खोलने को कहा। इस पर सुनील ने घर का दरवाजा खोलने से इंकार कर दिया और शोर मचाने लगा। इस पर डकैत वहां से भाग गए।
इसके बाद डकैतों ने पास के ही मरसंडा गांव में धावा बोला। वहां डकैतों ने घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रहे दामोदर व उसके पुत्र रजनीश (22) को बंधक बना लिया और खुद को पुलिस बताते हुए दरवाजा खुलवाने को कहा। इस पर रजनीश ने विरोध किया तो डकैतों ने पहले उसकी पिटाई की, फिर दोनों हाथ पीछे बांध दिए।
इसके बाद दामोदर को जान से मारने की धमकी देते हुए कमरे का दरवाजा खुलवाया। घर में घुसते ही डकैतों ने दामोदर के दूसरे पुत्र कमलेश, उसकी पत्नी व पुत्रियों को बंधक बना लिया और 20 हजार रुपये नगदी व सोने-चांदी के जेवर लूट लिए।
कमलेश ने विरोध किया तो असलहे के बट से उस पर प्रहार कर दिया। इसके बाद उसे खींचकर बाहर ले जाने लगे। भाई पर संकट देख रजनीश हाथ बंधे होने के बावजूद डकैतों से भिड़ गया और शोर मचाने लगा। उसके शोर मचाने से डकैत भड़क गए, इसी बीच एक डकैत ने रजनीश के सीने पर गोली मार दी।
इससे रजनीश जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। उधर, फायरिंग की आवाज सुनकर ग्रामीण जाग गए और शोर मचाते हुए डकैतों की घेराबंदी शुरू कर दी। मगर डकैत लूटा हुआ माल समेटकर फायरिंग करते हुए भाग निकले। डकैतों के जाने के बाद परिवारीजन घायल रजनीश को लेकर अस्पताल भागे, मगर उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वारदात की सूचना मिलते ही एएसपी मनोज सोनकर, सीओ रामसनेही, प्रभारी निरीक्षक विनय गौतम तंबौर व सकरन थाने के पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस अफसरों ने पीड़ितों से घटना की जानकारी ली और कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बदमाशों की तलाश की जा रही है।