खाद्य पदार्थों में मिलावट करना सात व्यापारियों को महंगा पड़ेगा। सोमवार को खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि होने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने इनके खिलाफ अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर कराया, हालांकि सभी नमूने अधोमानक साबित हुए हैं।
अभिहित अधिकारी वीके सहाय ने बताया जिले भर में खाद्य पदार्थों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया गया था। इस दौरान उरदौली व तालगांव से रस्क का नमूना लिया गया था। इनको जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया, जहां पर यह नमूने अधोमानक साबित हुए हैं। पैकेजिंग में उत्पादन तिथि व बैच नंबर नहीं थे। इसी प्रकार बिसवां से लिए गए दही के नमूने में फैट कम मिला है। पनीर में मिल्क फैट 50 प्रतिशत से कम होने की पुष्टि हुई।
सदर कोतवाली के निकट से लिए गए बर्फी के नमूने में स्टार्च मिला। शहर व सकरन इलाके से लिए गए मावे के नमूने में निर्धारित मात्रा से फैट कम मिला। वीके सहाय ने बताया प्रयोगशाला से फेल होने पर सोमवार को अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर कराया गया है।