प्रदेश के कारागार राज्यमंत्री और महोली विधायक के बीच महीनों से चली आ रही टशन एक बार फिर सार्वजनिक हो गई। मंगलवार को मिश्रिख ब्लॉक पर क्षेत्र पंचायत के चुनाव में नामांकन को लेकर दोनों के करीबियों में तकरार हो गई। खबर पाते ही दोनों माननीय मौके पर पहुंचे। करीबियों में अभद्रता व गाली-गलौज तक हुई। इससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। हलाकान अफसर मौके पर पहुंचे। काफी मान-मनौव्वल के बाद दोनों पक्षों को किसी तरह शांत कराया जा सका। राज्यमंत्री क्षेत्र के विधायक के इशारे पर बवाल होने की बात कह रहे हैं। जबकि विधायक अनभिज्ञता जता रहे हैं।
मंगलवार को मिश्रिख ब्लॉक कार्यालय पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों का नामांकन चल रहा था। दधनामऊ गांव की आशा देवी व हसनगंज के पुत्ती लाल नामांकन करने पहुंचे। दोनों में वहां पर विवाद होने लगा। महिला का आरोप था कि विष्णु गुप्ता नाम के एक व्यक्ति ने उसे भदमरा से नामांकन करने से रोक दिया। तकरार के दौरान कारागार राज्य मंत्री रामपाल राजवंशी व महोली विधायक वहां पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि आशा देवी मंत्री पक्ष की है, जिसे लेकर मंत्री वहां अपना विरोध दर्ज कराने लगे। देखते ही देखते मंत्री व विधायक की मौजूदगी में दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। विवाद बढ़ते देख वहां मौजूद पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के होश उड़ गए। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाया। करीब एक घंटे की मान-मनौव्वल के बाद दोनों पक्षों को अलग किया जा सका।
इस दौरान अधिकारी दोनों पक्षों से खुशामद करते नजर आए। देर शाम तक दोनों पक्षों में कहासुनी होती रही। मंत्री व विधायक के समर्थकों के बीच तनातनी से मिश्रिख कस्बे में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मंत्री का आरोप है कि विधायक के समर्थकों ने कई लोगों को नामांकन नहीं करने दिया। एसडीएम मनोज पांडेय का कहना है कि दो पक्षों में विवाद हुआ था। अब स्थिति सामान्य है।