अपर सत्र न्यायाधीश एनबी यादव ने हत्या के एक मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर नौ-नौ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार वर्मा ने की।
थाना तालगांव के ग्राम शेखवा निवासी मोहम्मद अहमद ने पिता बाबू अली की चुनावी रंजिश के चलते हत्या किए जाने का एक मुकदमा 28 नवंबर 2004 को खैराबाद थाने में दर्ज कराया था।
वादी के मुताबिक घटना वाले दिन अपने पिता बाबू अली, चचेरे भाई मोहम्मद उमर, इरशाद अली व मो. फारूख के साथ खैराबाद बाजार टैम्पो से जा रहा था। तभी मीनापुर पुलिया के पास गांव के ही मोहम्मद गनी, मोहम्मद इब्राहीम, डॉ. मुनीर व दूसरे गांव के राजू ने टैम्पो रोक लिया।
इन लोगों ने पिता को टैम्पो से बाहर खींच लिया और तमंचे से फायर कर पिता की हत्या कर दी। उच्च न्यायालय द्वारा राजू मिश्रा का मामला सुनवाई से फिलहाल स्थगित कर दिए जाने के चलते शेष तीन के विरुद्ध मामला चला।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने मोहम्मद गनी, मोहम्मद इब्राहीम व डॉ. मुनीर को घटना का दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर नौ-नौ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आरोपी अब्दुल गनी को आयुध अधिनियम के तहत भी दोषी पाया गया और उसे तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा मिली।