विरोधियों को फंसाने के लिए एक व्यक्ति ने रिश्तेदार की मदद से अपने ही बेटे के अपहरण की झूठी साजिश रच डाली। इसके बाद पत्नी की मदद से पांच लोगों पर अपहरण का केस दर्ज करा दिया। पुलिस ने जांच की तो पिता के कई बयान विरोधीभासी निकले।
जांच के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। महोली पुलिस ने सोमवार को बालक को सकुशल बरामद कर आरोपी पिता और रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।
महोली के मास्टर कॉलोनी निवासी बबलू पुत्र राम औतार कस्बे के कृषक इंटर कॉलेज में पढ़ता है। दो मार्च को वह अचानक लापता हो गया। जिसके बाद किरन देवी ने पड़ोस में ही रहने वाले मनोज आदि पर अपहरण का आरोप लगाते हुए तहरीर दी।
पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कीं तो परिवारीजनों की कई बातें संदिग्ध लगीं। इंस्पेक्टर रंजना सचान ने बताया कि पति व पत्नी के बयानों में विरोधाभास था। जिन लोगों पर आरोप लगाया जा रहा था, वह लोग अपने घरों में मिले।
इस पर पुलिस को कुछ संदेह हो गया। पुलिस ने बालक के पिता के मोबाइल की लोकेशन देखी गई तो वह शाहजहांपुर मिली। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि बालक शाहजहांपुर के डेहरामऊ थाना क्षेत्र के ढींगुरपुर गांव में अपने रिश्तेदार के यहां है।
पुलिस ने दबिश देकर बालक को सकुशल बरामद कर पिता रामऔतार और रिश्ते के समधी राजाबाबू को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि बालक के पिता ने अपने विरोधियों को फंसाने के लिए बेटे के ही अपहरण की साजिश रची थी। साजिश के तहत बेटे को साथ लेकर शाहजहांपुर रिश्तेदारी पहुंच गया और इधर अपनी पत्नी से अपहरण का झूठा केस दर्ज करा दिया।
विरोधियों से थी रंजिश
रामऔतार का पड़ोसी मनोज आदि से कई साल पुराना विवाद है। सूत्र बताते हैं कि रामऔतार ने एक बालिका को अपने घर में बंधक बना लिया था। पुलिस ने रामऔतार के घर से बालिका को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद गुस्साए लोगों ने रामऔतार के घर में तोड़फोड़ कर दी थी। बताते हैं कि रामऔतार घर में बवाल का जिम्मेदार मनोज आदि को मानने लगा था। इसी का बदला लेने के लिए यह साजिश रच डाली।