अपर सत्र न्यायाधीश सैय्यद माऊज बिन आसिम ने हत्या के एक मामले में दो भाइयों व उनके पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 17500-17500 रुपये जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रमाकांत राजवंशी ने की। इस मामले की सुनवाई प्रक्रिया के दौरान एक अभियुक्त की मौत हो चुकी है। मामला 2003 का है। सकरन थाना क्षेत्र के महराज नगर निवासी अनिल कुमार ने 4 फरवरी 2003 को अपने पिता रमाशंकर की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अनिल के मुताबिक वह अपने दरवाजे के सामने इंजन का मोबिल ऑयल बदलने जा रहा था। तभी घर के सामने रहने वाले विनोद प्रकाश, अपने दो पुत्रों आदित्य व नरेंद्र तथा पिता किशोरी लाल के साथ आ धमका। रंजिश के चलते गालियां देते हुए इन लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पिता रमाशंकर की मौत हो गई।
जबकि भाई अभिषेक व घर के सामने बंधी गाय को चोटें आ गईं। इस मामले में चारों आरोपियों के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। न्यायालय में चल रही सुनवाई प्रक्रिया के दौरान एक अभियुक्त किशोरी लाल की मौत हो गई थी।
इसके बाद शेष आरोपियों के विरुद्ध अभियोजन पक्ष ने 11 गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने साक्ष्यों के आधार पर तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि उन पर 17500-17500 रुपये का जुर्माना लगाया।