पति पर घटना को अंजाम देने का आरोप, गिरफ्तार, केस दर्ज
कमलापुर (सीतापुर)। पत्नी से परेशान एक युवक ने बुधवार को कमलापुर थाने के सामने ही अपनी पत्नी की ईंटों से कूंचकर हत्या कर दी। वारदात अंजाम देकर वह भाग पाता, इससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। मृतका के एक झोलाछाप से संबंध के चलते यह घटना हुई है। मृतका के भाई ने उसके पति के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कमलापुर इलाके के लोधौरा गांव निवासी 25 वर्षीय सुशीला व उसके पति मूलचंद उर्फ बुधई से विवाद चल रहा था। आरोप है कि 23 मार्च को मूलचंद की पत्नी एक झोलाछाप के साथ चली गई थी। आठ अप्रैल को वापस आने पर दोनों के बीच थाने में सुलह हुई और दोनों एक साथ अपने घर चले गए थे।
बताते हैं कि सुशीला की फिर बुधवार को उसके कथित प्रेमी से बात हुई। जिसके चलते वह कमलापुर आ गई। शक के बिना पर उसका पति मूलचंद भी पीछे आ गया। इस दरम्यान उसका कथित प्रेमी तो नहीं मिला, लेकिन महिला मिल गई। पहले दोनों में तकरार हुई, फिर महिला थाने में शिकायत करने चल पड़ी।
इस पर मूलचंद ने थाने के सामने ही सुशीला को पकड़ लिया और उस पर ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। उसने पत्नी को ईंटों से मरणासन्न कर दिया। उसकी चीख-पुकार सुनकर पुलिस पहुंची। पुलिस ने मूलचंद को हिरासत में ले लिया और जख्मी महिला को जिला अस्पताल भेजा। जहां उसने दम तोड़ दिया।
घटना को लेकर मृतका के भाई मनोज ने आरोपी मूलचंद के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। सीओ अंकित कुमार का कहना है कि महिला कुछ दिन पूर्व झोलाछाप राकेश त्रिपाठी के साथ चली गई थी। इस मामले में एनसीआर दर्ज थी।
आठ अप्रैल को वापस आने पर महिला और उसके पति में आपसी सुलह हो गई और वह पति के साथ घर चली गई थी। बुधवार को महिला व उसके कथित प्रेमी से वार्ता हुई। जिसके बाद वह कमलापुर आई थी। यहां पीछे से पहुंचे मृतका के पति ने उसे मार डाला। केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
...तो पुलिस लापरवाही से हुई थाने गेट पर हत्या
सीतापुर। कमलापुर थाने के गेट पर हुई महिला की हत्या में पुलिस की घोर लापरवाही उजागर हो रही है। थाने के सामने हुई इस निर्मम हत्या से कमलापुर पुलिस ही नहीं पूरे महकमे की फजीहत हो रही है। लोगों का मानना है कि यदि पुलिस इस मामले में समय पर सख्त और उचित कार्रवाई करती तो शायद पुलिस थाने के सामने यह शर्मनाक घटना अंजाम तक नहीं पहुंचती।
सूत्रों का कहना है कि महिला अपने कथित प्रेमी झोलाछाप के साथ 23 मार्च को चली गई थी। इसको लेकर महिला के पति ने थाने में तहरीर भी दी थी, लेकिन पुलिस ने इस मामले में महज एनसीआर दर्ज कर खानापूरी कर दी। जब महिला आठ अप्रैल को किसी तरह वापस आई तो मामले में लीपापोती कर पुलिस ने उसे एक कागज पर चंद लाइनें लिखवा कर पति संग भेज दिया।
बेपरवाह पुलिस ने न ही महिला का मेडिकल परीक्षण कराने की जरुरत समझी और न ही उसका कोर्ट में बयान कराया। सूत्रों का दावा है कि कमलापुर पुलिस ने खुद ही मनगढंत फैसला कर उसे पति के साथ भेज दिया। पुलिस ने आरोपी झोलाछाप से मिलीभगत के चलते उस पर कार्रवाई तो दूर, उससे पूछताछ करने तक की जहमत नहीं उठाई। पुलिस ने मनमर्जी करते हुए उसे अभयदान दे दिया।
शायद यही वजह रही कि पुलिस से बेखौफ होकर महिला के कथित प्रेमी और मृतका का कमलापुर में मिलन हुआ और इस घटना से आगबबूला महिला के पति ने उसकी हत्या कर दी। सीओ अंकित कुमार खुद बताते हैं कि महिला व उसके कथित प्रेमी में वार्ता के बाद ही महिला उससे मिलने कमलापुर आई थी।
सीओ ने कहा कि महिला के प्रेमी संग जाने की एनसीआर दर्ज थी। वादी ने आगे की कार्रवाई को लेकर पैरवी नहीं की थी।