आदि गंगा गोमती का होगा कायाकल्प, पांच तालाबों व चार ड्रेनों पर चल रहा काम
सीतापुर। जिले की सीमा में गोमती के पुनरुद्धार के लिए कार्य प्रारंभ हो गया है। संयुक्त विकास आयुक्त के साथ मीटिंग होने के बाद नदी किनारे के गांवों में पांच तालाबों को वाटर रिचार्ज को सदानीरा करने को कार्य किया जा रहा है। चार ड्रेनों का सौंदर्यीकरण हो रहा है। योजना के अधिकांश कार्य अगले वित्तीय बरसे में किए जाएंगे।
शासन के फरमान पर जिले के चार ब्लॉक क्षेत्रों की 45 ग्राम पंचायतों की सीमा से गुजरी गोमती नदी का पुनरुद्धार करने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया था। इस पर लखनऊ में संयुक्त विकास आयुक्त के साथ हुई मीटिंग में मंथन किया गया।
जिसके अनुसार गोमती को नया जीवन देने के लिए उसकी सीमा से एक किमी. की दूरी में स्थित तालाबों को सदानीरा बनाया जाएगा। लगभग 125 किमी. लंबाई में सर्वे कार्य सिंचाई विभाग द्वारा किया जा रहा है। मिश्रिख ब्लॉक की 11 ग्रामसभाओं के सर्वाधिक 11 तालाबों समेत कुल 23 तालाबों को सदानीरा करने के लिए 77 लाख 54 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
27 ड्रेनों की खोदाई पर 98 लाख 67 हजार रुपये का खर्च आएगा। इन्हें वर्ष 2018-19 की कार्ययोजना में सम्मिलित कर लिया गया है। पूर्व की कार्ययोजना के अनुरूप पांच तालाब और चार ड्रेनों पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
इसमें एक लाख पौधों के रोपण की कार्ययोजना भी सम्मिलित है। सहायक अभियंता सिंचाई ने बताया कि गोमती नदी जिले के पिसावां, मिश्रिख, गोंदलामऊ एवं सिधौली से होते हुए लखनऊ पहुंचती है। सर्वेक्षण का कार्य कराया जा रहा है।
गोमती नदी के पुनरुद्धार के लिए माइक्रो प्लान तैयार करने के निर्देश हैं। कराए जाने वाले कार्यों का चरणवार निर्धारण कर कार्ययोजना के अनुसार कार्य प्रारम्भ कराने के निर्देश जेडीसी ने दिए हैं। संबंधित बीडी से कार्यों की प्रगति संबंधी रिपोर्ट मांगी गई है।
-सुशील कुमार सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार।