शहर में ओवरसीज बैंक की शाखा के कैशियर व रुपये निकालने पहुंचे मुंशी की लापरवाही से एक उचक्के ने कैश काउंटर से साढ़े तीन लाख रुपये पार कर दिए। हालांकि इस दौरान बैंक में घूम रहा उचक्का सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। खबर पाते ही एएसपी डॉ. ओपी सिंह व कोतवाल दीपक शुक्ला ने मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन की।
शहर के मुंशीगंज निवासी ठेकेदार सियाराम का मुंशी ललित अपने साथी मिश्रिख निवासी सुशील के साथ गुरुवार दोपहर रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित ओवरसीज बैंक में कैश निकाले गया था। ललित के बैंक पहुंचने पर सूटबूट पहने एक उचक्का भी उसके साथ हो लिया। ललित को विड्रॉल भरने में भी वह मदद करने लगा।
उसने दोनों से ऐसा जुड़ाव रखा, कि बैंक कर्मियों सहित वहां मौजूद लोगों को लगा कि शायद आरोपी भी ललित के ही साथ आया है। बैंक का कैशियर रघुवीर भी उसकी मंशा भांप नहीं पाया। जब ललित ने छह लाख रुपये निकालने के लिए कैशियर को विड्रॉल दिया तो उचक्का भी कैश काउंटर पर साथ खड़ा था।
मुंशी ललित ने बताया कि विड्रॉल भरने के बाद वह सामने कुर्सी पर बैठ गया और रुपये मिलने का इंतजार करने लगा। इस दौरान उचक्के ने विड्रॉल भरवाने के लिए ललित से मदद मांगी। तभी कैशियर ने कुछ रुपये पहले ले जाने के लिए आवाज लगाई। इसी बीच पास में बैठा उचक्का कैश काउंटर के पास पहुंच गया और छह में से ढाई लाख कैश लेकर उसने ललित को थमा दिया।
ललित ने भी विरोध नहीं किया। चंद मिनट बाद बैंक कैशियर ने दोबारा लापरवाही बरतते हुए ललित को बुलाने के बजाय अनजान व्यक्ति को बुलाकर बाकी बचे साढ़े तीन लाख रुपये दे दिए। पैसा हाथ में आने पर उचक्का मोबाइल से बात करने के बहाने बैंक से निकल गया। लापरवाह बैंक कैशियर व ठेकेदार का मुंशी ललित भी कुछ नहीं समझ सका।
कुछ देर बाद जब वह अनजान व्यक्ति नहीं लौटा तो उसने कैशियर से बाकी के साढ़े तीन लाख कैश मांगे। कैशियर ने बताया कि उसके साथ आने वाले व्यक्ति को उसने बाकी बचे 3.50 लाख रुपये दे दिए हैं। यह सुनते ही ललित अवाक रह गया। कैशियर भी सकते में आ गया।
बैंक में हंगामा होने लगा। इस दौरान बैंक के सीसीटीवी फुटेज देखे गए तो उचक्के की तस्वीर आ गई। खबर पाते ही एएसपी डॉ. ओपी सिंह, कोतवाल दीपक शुक्ला ने जांच की। पुलिस का कहना है कि जांच कराई जा रही है। तहरीर आने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।