कोहरे व शीतलहरी ने किया बेहाल
सीतापुर। सर्दी का सितम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ठंड व गलन से लोगों का बुरा हाल है। घना कोहरा मुसीबतें और बढ़ा रहा है। बुधवार को कंपकंपा देने वाली ठंड में लोग घरों में दुबके रहे। भीषण ठंड से पशु-पक्षी भी बेहाल है। न्यूनतम पारा छह डिग्री पर टिका रहा। ऐसे में फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं।
बुधवार सुबह लोगों ने बिस्तर छोड़ा तो घने कोहरे, गलन और शीतलहर से सामना हुआ। कड़ाके की ठंड में ज्यादातर लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। जरूरी काम से जिन्हें बाहर निकलना पड़ा वह लोग बदन पर ऊनी कपड़ों का बोझ लादने के बावजूद ठिठुरते नजर आए। कड़ाके की सर्दी और दो दिन से धूप नहीं निकलने के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। ठंड से राहत पाने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। बुधवार को दिनभर धुंध छाई रही। बदली के बीच पांच किमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली बर्फीली हवाएं लोगों को बेहाल करती रहीं। इंसान ही नही सर्दी के सितम से पशु-पक्षी तक बेहाल हैं। अलाव देख राहत की आस में मवेशी भी उसके करीब खड़े हो जाते हैं। बुधवार को पारा स्थिर रहा। ठंड के तेवरों में कमी नहीं हुई। आलम ये है कि ठंड से दिनचर्या बेपटरी हो गई है। शाम गहराते ही गलन का प्रकोप और बढ़ जाता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बुधवार को आर्र्दता 82 प्रतिशत दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। गलन व शीतलहर से राहत के आसार अभी नहीं हैं।
ठंड के मद्देनजर डीएम डॉ. सारिका मोहन ने आठवीं कक्षा तक के बच्चों का अवकाश बढ़ा दिया है। इन बच्चों का 13 जनवरी तक अवकाश रहेगा। हालांकि डीएम ने अपने निर्देशों में बदलाव करते हुए एमडीएम नहीं बनाने की बात कही है। मगर शिक्षक स्कूल में उपस्थित होंगे। अवकाश अवधि में शिक्षक मिशन इंद्रधनुष व अन्य शासकीय कार्य करेंगे। मालूम हो कि, बच्चों की छुट्टी के बावजूद एमडीएम बनाने को लेकर अमर उजाला ने नौ जनवरी के अंक में ‘यह कैसी छुट्टी, बच्चों को राहत न शिक्षकों को सुकून’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर डीएम ने एमडीएम नहीं बनाने के निर्देश दिए हैं।