लापरवाही पर 11 अधिकारियों का वेतन रोका
सीतापुर। आईजीआरएस संदर्भों के निस्तारण में लापरवाही करने वाले 11 अफसरों का वेतन रोक दिया गया है। विभिन्न विभागों में 265 संदर्भ लंबित हैं जिनकी समय सीमा खत्म हो चुकी है।
बार-बार निर्देशों के बाद भी ध्यान न देने वाले अधिकारियों पर डीएम डॉ. सारिका मोहन ने कार्रवाई की है। सबसे ज्यादा 76 मामले परियोजना निदेशक के यहां लंबित हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी आईजीआरएस (जन सुनवाई हेतु प्राप्त संदर्भ) योजना का जिले में बुरा हाल है। आलम यह है कि निस्तारण के लिए निर्धारित समय सीमा निकलने के बाद भी 265 प्रकरण लंबित हैं।
जिला व शासन स्तर पर समय-समय पर आईजीआरएस की समीक्षा के बाद भी अधिकारी इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर नही हैं।
डीएम ने आईजीआरएस संदर्भों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कार्यशैली सुधारने के लिए कई रिमांइडर भी दिए।
उधर, शासन स्तर पर समीक्षा में बड़े पैमाने पर मामले लंबित होने से जिले की छवि धूमिल होती देख डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी जिन विभागों में प्रकरण लंबित हैं, उन विभागों के मुखिया पर डीएम ने कार्रवाई का चाबुक चलाया है।
सबसे ज्यादा 76 प्रकरण परियोजना निदेशक के यहां लंबित हैं जबकि अधिशासी अभियंता विद्युत खंड प्रथम के स्तर पर 39 मामले लंबित हैं।
इसी तरह अधिशासी अभियंता विद्युत खंड द्वितीय के स्तर पर 12 प्रकरण, बीएसए के यहां 39 प्रकरण, डीपीआरओ के स्तर पर 22 प्रकरण, डायट में 17 प्रकरण, जिला कार्यक्रम अधिकारी के स्तर पर 16 प्रकरण, एसडीएम महोली के यहां 15, एसडीएम सदर के यहां 13, जिला पूर्ति अधिकारी के यहां नौ, एसडीएम लहरपुर के यहां सात प्रकरण लंबित हैं। डीएम ने इन सभी विभागीय अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने की कार्रवाई की है।