आचार संहिता लगते ही जिला प्रशासन एकाएक हरकत में आ गया है। गुरुवार को खुद डीएम व एसपी ने शहर में वैदेही वाटिका के निकट हाईवे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कई गाड़ियों पर अवैध रूप से लगी लाल-नीली बत्ती उतारी गई।
चेकिंग के दौरान दो गाड़ियों से 18 लाख कैश भी पकड़ा गया। सपा नेता के पास से 5.46 लाख तो बैंक मित्र के पास से 12.54 लाख नगद मिला है। दस्तावेज न दिखा पाने पर प्रशासन ने कार से बरामद कैश को सीज कर दिया है। इसके अलावा अन्य तहसीलों में भी प्रशासनिक एवं पुलिस अफसरों की टीमों ने अभियान चलाकर 50 वाहनों का चालान किया गया।
डीएम अमृत त्रिपाठी व एसपी सौमित्र यादव के नेतृत्व में गुरुवार दोपहर वैदेही वाटिका के निकट चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी बीच शाहजहांपुर की तरफ से लखनऊ जा रहे एक चौपहिया वाहन को पुलिस ने रोका। कार में सवार शाहजहांपुर रौजा, हालपता सिविल लाइन निवासी लखन प्रताप सिंह के एक सूटकेस से पुलसि 5 लाख 46 हजार रुपये बरामद किए।
इस पर पुलिस सकते में आ गई। लखन ने बताया कि उसके पिता लखनऊ में भर्ती हैं। उनके इलाज के लिए वह ये रुपया लखनऊ ले जा रहा है। पुलिस ने जब बैंक से रुपये निकालने के दस्तावेज मांगे, तो वह दस्तावेज नहीं दिखा सका। लखन खुद को सपा नेता बता रहा था। इसी बीच टीम ने एक और वाहन को रोका।
गाड़ी में सदरपुर के राहुल वर्मा, थानगांव के फुरकान, कादीपुर रमपुरवा निवासी संजय, सरैंया चलाकापुर निवासी विनीत कुमार, मानपुर के मिरदहा निवासी महेश गुप्ता व कानपुर के रामापुर स्टेट निवासी राहुल त्रिपाठी के पास बैग से टीम ने 12 लाख 54 हजार रुपये बरामद किए।
पकड़े गए लोगों ने खुद को बैंक मित्र बताया। इन लोगों का कहना था कि वे एचडीएफसी में बैंक मित्र हैं। अपनी शाखाओं पर खाताधारकों के भुगतान के लिए कैश लेकर जा रहे हैं। ये लोग भी कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। इस पर टीम ने बरामद 18 लाख रुपये को सीज कर दिया है। पुलिस टीम ने इन लोगों से दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।