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चुनावी रंजिश में बीडीसी की हत्या की सुपारी लेने वाले पांच बदमाश गिरफ्तार

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सीतापुर। पिसावां पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने चुनावी रंजिश में बीडीसी सदस्य की हत्या करने की सुपारी लेने वाले पांच बदमाशों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बदमाशों से एक कार, मोबाइल, सुपारी की रकम, असलहा और 14 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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एसपी कार्यालय में रविवार को एएसपी साउथ महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग पिसावां के बबुर्दीपुर निवासी बीडीसी सदस्य शालू गुप्ता की हत्या करने के लिए सुपारी की रकम ले रहे हैं।


सूचना पर सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने एसओ पिसावां और क्राइम ब्रांच की टीम के साथ इलाके के मुल्लाभीरी गांव के पास मुंशी सिंह के घर के निकट छापेमारी कर पूर्व प्रधान चंद्रपाल निवासी बबुर्दीपुर पिसावां, मुंशीलाल यादव निवासी जलाईपुर थाना पिसावां, अजब सिंह निवासी सहुआपुर थाना पिसावां, फैरूलाल निवासी बबुर्दीपुर थाना पिसावां, अख्तर निवासी गजपुरवा थाना मछरेहटा को गिरफ्तार कर लिया गया।
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एएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कुबूला कि चुनावी रंजिश में बीडीसी शालू की हत्या करने के लिए उसी के गांव के पूर्व प्रधान चंद्रपाल ने पांच लाख की सुपारी दी थी, जिसका एक लाख 45 हजार रुपया इन लोगों को दिया जा चुका था। बताया कि पूर्व प्रधान ने कत्ल कराने के लिए अख्तर को हॉयर किया था।


उसने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। रविवार को बीस हजार रुपये देने के लिए चंद्रपाल पहुंचा था। इस बीच पुलिस ने छापेमारी कर आरोपियों को दबोच लिया। बीडीसी सदस्य सपा नेता और पूर्व विधायक महोली अनूप गुप्ता का करीबी बताया जा रहा है। बदमाशों के कब्जे से 20 हजार रुपये, एक असलहा, 14 कारतूस, एक कार, मोबाइल बरामद हुआ है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्जकर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।


17 फरवरी को यादव सभा में बनी थी कत्ल की योजना
सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि बीडीसी सदस्य की हत्या की योजना 17 फरवरी को जलायुपुर गांव के पूर्व प्रधान मुंशीलाल के घर हुई यादव सभा के बाद की गई थी। पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है।


बदमाशों तक ऐसेे पहुंची पुलिस
हत्या की योजना बनने के बाद इसकी सूचना यादव सभा में शामिल प्रधान ने बीडीसी सदस्य शालू को दी। इसके बाद उसने एसपी को पत्र सौंपकर मामले से अवगत कराया। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ने टीमों को लगाया था। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्विलांस का सहारा लिया।
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