तंबौर एसओ, हल्का इंचार्ज एसआई व मुंशी निलंबित
- युवती को जिंदा जलाने की घटना में लापरवाही पर डीजीपी की फटकार के बाद कार्रवाई
- चंद घंटे में दोनों आरोपी गिरफ्तार, आईजी रेंज ने मौका मुआयना कर पीड़िता का लिया हालचाल
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सीतापुर। तंबौर थाना क्षेत्र में युवती को जिंदा जलाने की सनसनीखेज घटना को लेकर डीजीपी की फटकार के बाद एसपी ने दुष्कर्म के प्रयास की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने वाले एसओ, हल्का इंचार्ज व मुंशी को निलंबित कर दिया है। कुछ ही घंटों में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया। दोनों पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी के निर्देश पर आईजी रेंज लखनऊ सुजीत पांडेय ने रविवार को सीतापुर पहुंचकर घटना के प्रत्येक बिंदु पर बारीकी से जांच-पड़ताल की। आईजी ने जांच रिपोर्ट डीजीपी को सौंपने की बात कही है।
मालूम हो कि तंबौर के एक गांव की युवती गत शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे खेतों की ओर गई थी। जहां गांव के ही सगे भाई रामू व राजेश ने उसे दबोच लिया और उसके ऊपर केरोसिन उडे़ल आग लगाकर भाग गए। लपटों से घिरी युवती को देख ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई। गंभीर रूप से झुलसी युवती का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। पीड़िता के बयान में सामने आया कि बीती 29 नवंबर को जब वह नित्यक्रिया के लिए गई थी तो रामू ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। शोर मचाने पर ग्रामीणों को आता देख वह भाग गया। युवती ने इस घटना की तहरीर तंबौर थाने में दी मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर 30 नवंबर को वह सीओ बिसवां से मिलने गई। फिर भी पुलिस बेपरवाह बनी रही। नतीजतन बेखौफ आरोपियों ने एक दिसंबर की दोपहर खेत में युवती पर केरोसिन उड़ेलकर उसे जिंदा जला दिया। गनीमत रही कि ग्रामीणों ने समय रहते आग बुझाकर उसे अस्पताल पहुंचा दिया। मगर दिनदहाड़े इस दुस्साहसिक वारदात के बाद भी तंबौर पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़ व हत्या के इरादे से हमला करने का केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन 14 घंटे बद तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। रविवार को जब घटना मीडिया की सुर्खियां बनी तो डीजीपी ने संज्ञान लेकर जिले के अफसरों को फटकार लगाई। इसके बाद हरकत में आए पुलिस विभाग ने पहले एक आरोपी इसके कुछ ही देर बाद दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने वाले एसओ तंबौर ओपी सरोज, हल्का इंचार्ज एसआई मनोज व मुंशी छेदीलाल को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, रविवार को मामले की जांच करने सीतापुर पहुंचे आईजी रेंज सुजीत पांडेय ने बताया आरोपियों पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। आईजी ने जिला अस्पताल जाकर पीड़िता व उसके परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद व दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
आईजी ने कहा कि पीड़िता का बेहतर इलाज और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है। थाना स्तर पर लापरवाही के चलते कार्रवाई कर दी गई है। तंबौर एसओ ओपी सरोज के अलावा हल्का इंचार्ज मनोज को जांच व कार्रवाई में लापरवाही तथा मुंशी छेदीलाल को एप्लीकेशन पर कार्रवाई न होने की सूचना कंट्रोल रूम में नहीं देने पर सस्पेंड किया गया है। आगे भी जांच में जो दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में और किसकी क्या भूमिका है, इसकी जांच की जा रही है।
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अब सीओ बिसवां पर लटकी कार्रवाई की तलवार
इस सनसनीखेज घटना को लेकर सीओ बिसवां पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। मामले में सीओ की भूमिका के सवाल पर आईजी ने बताया कि पीड़िता 30 नवंबर को सीओ से मिलने गई थी। मगर पीड़िता की सीओ से मुलाकात नहीं हो सकी थी। सीओ उस वक्त कहां गए थे। उनकी गैरहाजिरी में प्रार्थनापत्र किसे दिया गया। शिकायत पर कार्रवाई करने में किस स्तर से क्या देरी हुई। इसकी जांच कर रिपोर्ट डीजीपी को सौंपी जाएगी। आईजी ने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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बंद कमरे में सीओ से पूछताछ
बिसवां चीनी मिल के गेस्ट हाउस में आईजी ने एसपी की मौजूदगी में सीओ बिसवां तौकीर अहमद खां से पूछताछ की। बंद कमरे में करीब 20 मिनट तक पूछताछ चली। इसके बाद सीओ कमरे से बाहर आ गए। फिर करीब दस मिनट तक आईजी व एसपी के बीच बंद कमरे में गुफ्तगू चलती रही। इसके बाद आईजी लखनऊ रवाना हो गए।
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पीड़िता की आरोपियों से हाथापाई भी हुई
तंबौर (सीतापुर)। मामले की जांच करने पहुंचे आईजी सुजीत पांडेय ने स्वीकार किया कि थाना स्तर पर लापरवाही हुई है। आईजी ने मौका-ए-वारदात का बारीकी से मुआयना किया। गन्ने के खेत की मिट्टी में केरोसिन की महक रविवार को भी महसूस की गई। खेत में जहां घटना हुई उसके आसपास पीड़िता से आरोपियों की हाथापाई के भी सुबूत मिले हैं।
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तंबौर एसओ, हल्का इंचार्ज व मुंशी को लापरवाही बरतने का दोषी पाए जाने पर निलंबित किया गया है। जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाए जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई की जाएगी। बेहतर इलाज के साथ ही पीड़िता की ज्यादा से ज्यादा मदद होगी। मामले की जांच रिपोर्ट डीजीपी को दी जाएगी।
- सुजीत पांडेय, आईजी रेंज लखनऊ