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दबंगों ने कोतवाली के सामने निलंबित हेड कांस्टेबिल को पीटा

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एक सप्ताह पूर्व घूसखोरी के आरोप में हुआ था सस्पेंड
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महोली (सीतापुर)। पुलिस भले ही ताबड़तोड़ एनकाउंटर करके अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन दबंगों के हौसले टूटते नजर नहीं आ रहे हैं। गुरुवार को दबंगों ने कोतवाली के सामने ही एक निलंबित हेड कांस्टेबल की जमकर पिटाई की। बाद में दो हमलावर निकल भागे।

हालांकि एक दबंग को हेड कांस्टेबल दबोचे रहा। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कर ली गई है। करीब एक सप्ताह पूर्व एसपी आनंद कुलकर्णी ने यूपी-100 में तैनात हेड कांस्टेबल मलखान सिंह को घूसखोरी के आरोप में निलंबित कर दिया था।
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गुरुवार को मलखान जिला मुख्यालय गया था। वहां पर काम निपटाने के बाद वह शाम को वापस कोतवाली जा रहा था। कोतवाली के सामने जैसे ही मलखान उतरा, वहां पहले से तैयार खड़े कचूरा के निवासी सोनू सिंह ने अपने साथियों की मदद से मलखान को दबोच लिया।

इससे पहले कि सिपाही कुछ समझ पाता। सोनू व उसके साथियों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। कोतवाली के सामने सरेआम हेड कांस्टेबल को दबंग पीट रहे थे, पर कोई भी उसे बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।

इसी बीच किसी ने सूचना कोतवाली में दी, तब कहीं जाकर कोतवाली का फोर्स बाहर निकला। पुलिस बल को देखते ही दो हमलावर वहां से निकल भागे। लेकिन एक आरोपी को मलखान दबोचे रहा। जिसको साथी पुलिस कर्मियों ने गिरफ्तार कर लिया।

प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय ने बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान कचूरा निवासी सोनू सिंह उर्फ छोटे सिंह के रूप में तथा फरार होने वाले दबंगों की पहचान कचूरा निवासी विनीत व अजीत के रूप में हुई है। सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथियों की तलाश की जा रही है। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

क्या है विवाद की जड़
बताते हैं कि गत 28 फरवरी को महोली इलाके की यूपी-100 पुलिस की टीम एचसीपी मलखान सिंह, सिपाही समीर ने कचूरा गांव के बाहर बने प्राथमिक विद्यालय के पास छापेमारी की थी। यहां पर शराब बना रहे रूपा सिंह को पकड़ा था। आरोप है कि शराब कारोबारी को छोड़ने की एवज में यूपी-100 की पुलिस से सात हजार रुपये की डीलिंग हुई थी।

पांच हजार मौके पर और दो हजार बाद में देने की बात पर पुलिस मान गई और आरोपी को मौके पर ही छोड़ दिया गया। इसके बाद यह मामला एसपी के दरबार में पहुंच गया। जहां पर आरोप लगाया गया कि दो हजार न मिलने को लेकर एचसीपी और सिपाही जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं।
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रूपा की शिकायत पर एसपी ने महोली पुलिस को मौके पर भेजकर जांच कराई। इसमें मामला सही मिला। जांच रिपोर्ट पर एसपी ने आरोपी एचसीपी मलखान सिंह व सिपाही समीर को निलंबित कर दिया था। बताते हैं कि निलंबन के बाद से विपक्षियों के हौसले काफी बुलंद थे। जिसकी वजह से कोतवाली के सामने आकर वारदात को अंजाम दिया।
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