सीतापुर। ...आखिर वही हुआ जिसका डर था। पुलिस कोई सुराग लगा पाती, इससे पहले सात दिनों से लापता बच्ची की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया गया। रविवार को सरायन नदी से बच्ची का शव बरामद होने पर इलाके में तनाव फैल गया।
बच्ची के चेहरे, सीने व पेट पर चोट के निशान पाए गए हैं। एएसपी उत्तरी ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। पीएम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई की बात कह रही है। उधर, आक्रोशित ग्रामीण घटना को पुलिसिया लापरवाही का नतीजा करार दे रहे हैं।
इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के कुरका गांव निवासी बलवंत की बेटी पारुल (8) 13 जनवरी की शाम घर के बाहर खेल रही थी। इसी बीच वह अचानक लापता हो गई। खोजबीन के बाद भी बच्ची का सुराग नहीं लगा तो परिवारीजनों ने घटना की तहरीर पुलिस को दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू की। मगर सात सात दिन बाद भी पुलिस बच्ची का पता नहीं लगा सकी।
सुबह कुरका गांव के बाहर लकड़ी बीनने गई एक महिला को सरायन नदी में बच्ची का शव उतराता नजर आया। नदी से बच्ची का शव बरामद होने की सूचना पर ग्रामीण वहां पहुंचे। शव लापता पारुल का था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ घंटे पहले ही बच्ची की हत्या कर शव नदी में फेंका गया है। उसके चेहरे, सीने व पेट पर चोट के निशान पाए गए हैं। बच्ची का शव बरामद होने के बाद से पुलिस की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
एएसपी उत्तरी धुबन सिंह ने कहा कि कुरका गांव से सात दिन पहले एक बच्ची लापता हो गई थी। थाने में गुमशुदगी दर्ज कर बच्ची की तलाश की जा रही थी। रविवार को गांव के करीब सरायन नदी से बच्ची का शव बरामद किया गया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।