सीतापुर। दहेज हत्या के मामले में कोर्ट ने बुधवार को दंपती व उनके दो पुत्रों को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। लखीमपुर खीरी जिले के हैदराबाद थाना ममरी गांव निवासी सतीश के अनुसार वर्ष 2006 में उनकी बहन का विवाह कमलापुर के बंभौरा निवासी विकास के साथ हुई थी। ससुरालीजन आए दिन दहेज के लिए उनकी बहन को प्रताड़ित करते थे। नौ मार्च 2009 को वह अपनी बहन को विदा कराने के लिए उनकी ससुराल आए थे। उन्होंने अपनी बहन के शरीर पर चोटों के निशान देखे, इस पर बहन के बताया कि उसे ससुरालीजनों ने पीटा है। इसके साथ ही ससुरालीजनों ने उनकी बहन को विदा करने से भी मना कर दिया। रात में सतीश अपने दूसरे रिश्तेदार के यहां चले गये। सुबह उनको जानकारी हुई कि उनकी बहन जल गई है। परिजन उनको लखनऊ ट्राॅमा में भर्ती कराया। जहां उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में विकास उसके पिता रामनरेश, भाई आवास और मां शांती देवी पर प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी (ओएडब्लू) में चल रही थी। जज ने सजा सुनाने के साथ ही 16 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।