सीतापुर। पारा चढ़ने के साथ ही जिले में बिजली की खपत भी बढ़ने लगी है। इसके चलते ही एक सप्ताह में ही करीब 75 मेगावाट बिजली की खपत बढ़ गई है।
बढ़ती डिमांड के साथ ही शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में शुरू हुई अघोषित बिजली की कटौती भी सभी की परेशानी बढ़ा रही है। ग्रामीण में जहां छह से 10 घंटे की कटौती हो रही है। वहीं शहर में दो से तीन घंटे की कटौती होने लगी है। हालांकि पॉवर कॉर्पोरेशन का दावा है कि जिले में बिजली की कोई कमी नहीं है।
धूप की बढ़ती तपिश के साथ दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंचने लगा है। एेसे में भीषण गर्मी से बचने के लिए घरों, दुकानों व कार्यालयों में एसी, कूलर व बिजली के पंखे का प्रयोग भी बढ़ गया है।
खपत में हुई इस बढ़ोत्तरी के कारण ही बीते एक सप्ताह में बिजली की मांग करीब 75 मेगावाट बढ़ी है। इसके चलते ही जिले में बिजली की वर्तमान डिमांड 275 से बढ़कर 325 मेगावाट तक पहुंच गई है। आने वाले दिनों में पारा आैर ऊपर चढ़ने की आशंका के साथ ही बिजली की खपत भी 350 से 375 मेगावाट के बीच तक पहुंचने की उम्मीद है।
पॉवर कॉर्पोरेशन भले ही दावा कर रहा हो जिले में बिजली की कोई कमी नहीं है। लेकिन शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक कटौती जारी है। शहर में जहां दो से तीन घंटे तक की कटौती हो रही है। इस कटौती के पीछे विभाग का कहना है लोकल फॉल्ट की वजह से कटौती होती है अन्य कोई कारण नहीं है। इसके बावजूद शहरी व ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती सभी की परेशानी बढ़ा रही है।
पावर कॉरपोरेशन के दावे के इतर महमूदाबाद तहसील में कटौती 6 से 8 घंटे, मिश्रिख तहसील में 6 से 9 घंटे, लहरपुर तहसील में 6 से 8 घंटे, बिसवां तहसील में 6 से 9 घंटे, सिधौली तहसील में 6 से 8 घंटे, सदर तहसील में 6 से 8 घंटे आैर महोली तहसील में 6 से 10 घंटे तक की कटौती इस भीषण गर्मी में लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
बिजली की कोई कमी नहीं
गर्मी में डिमांड बढ़ने से बीते एक सप्ताह में करीब 75 मेगावाट की खपत बढती है। जिले में बिजली की कोई कमी नहीं है। शहर में 24 घंटे बिजली की अबाध आपूर्ति हो रही है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर के तहत चार से छह घंटे की ही कटौती हो रही है।
डीसी दीक्षित, अधिशासी अभियंता, विद्युत पारेषण खंड
तेज हवा बढ़ा रही परेशानी
रोस्टर के मुताबिक सभी इलाकों में बिजली की सप्लाई बिना किसी बाधा के देने का प्रयास रहता है। दिन में ग्रामीण इलाकों में तेज हवा चलने के कारण आग लगने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए ही कटौती की जाती है। इसके साथ ही तेज हवा से होने वाली लाइन फॉल्ट भी सप्लाई में बाधा का कारण बनती है।
नंदलाल, अधीक्षण अभियंता