सीतापुर। जिले में 33 वर्षाें से तैनात फार्मासिस्ट, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री के आदेश पर भारी है। जिले के पांच विधायकों की शिकायत पर चीफ फार्मासिस्ट रामसुभग कनौजिया के तबादले के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने प्रमुख सचिव को 28 जुलाई को पत्र लिखा था। करीब एक सप्ताह के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर चीफ फार्मासिस्ट का एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें वह एक व्यक्ति से अभद्रता करते हुए कह रहा है कि मेरी शिकायत तुमको शासन, प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय तक से करनी हो तो कर दो। मेरा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी फोन कराओगे तो भी कुछ नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग में यह ऑडियो चर्चा का विषय बना है।
विधायकों ने बताया, कार्यालय में नशा करके आते हैं चीफ फार्मासिस्ट
जिले के सिधौली विधायक मनीष रावत, सेउता विधायक ज्ञान तिवारी, मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव, बिसवां विधायक निर्मल वर्मा और महोली विधायक शशांक त्रिवेदी ने राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मयंकेश्वर शरण सिंह को संयुक्त रूप से एक पत्र दिया था। इसमें उन्होंने शिकायतकर्ता मरीज सचिन पाल द्वारा चीफ फार्मासिस्ट रामसुभग कनौजिया द्वारा अभद्रता की शिकायत का हवाला दिया था। विधायकों ने प्रभारी मंत्री को बताया था कि रामसुभग कनौजिया कार्यालय में नशा करके आता है। इस पर राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने प्रमुख सचिव को इनका स्थानांतरण किसी दूरस्थ जनपद में करने का आदेश दिया था। जिसका अब तक पालन नहीं हुआ।
वर्षाें से जमे चिकित्सकों पर भी कार्रवाई शून्य
वहीं, प्रभारी मंत्री ने जिले में वर्षाें से तैनात सीएचसी अधीक्षकों का तबादला करवाने की बात कही थी। लेकिन अब तक जिले में आठ सालों से अधिक समय से जमे सीएचसी अधीक्षकों पर कार्रवाई शून्य है।
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
डीएम के निर्देश पर जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जिसमें एसडीएम सदर, सीएमओ व क्षेत्राधिकारी नगर जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट दो दिन में आएगी।