सीतापुर। जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को तंबौर के एक व्यवसायी व रेउसा कस्बा निवासी एक महिला की डेंगू से मौत हो गई। दोनों का लखनऊ के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। जिले में इस समय डेंगू के सौ से अधिक एक्टिव मरीज हैं, जिसमें से 14 मरीज जिला अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं।
रेउसा में डेंगू तेजी से फैल रहा है। रेउसा के शिव नगर निवासी सुमन कठेरिया (40) बीते एक सप्ताह से डेंगू से जंग लड़ रहीं थीं। पति रामआसरे के मुताबिक सुमन को दस दिनों से बुखार, सिर दर्द की शिकायत थी। एक सप्ताह पूर्व जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई। स्थानीय स्तर पर सीएचसी से लेकर निजी क्लीनिक तक इलाज करवाया। फायदा न होने पर लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बुधवार को सुमन ने दम तोड़ दिया।
इसी तरह, तंबौर में भी डेंगू पैर पसार रहा है। यहां एक व्यवसायी की डेंगू से मौत हो गई। बिस्वानखुर्द गांव निवासी रोहित वर्मा (36) को एक सप्ताह पूर्व तेज बुखार आया। परिजन उसे लेकर सीएचसी तंबौर ले गए। यहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। परिजन अगले दिन उसे लखीमपुर ले गए, जहां एक निजी क्लीनिक में भर्ती करा दिया गया लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सोमवार परिजन रोहित को लखनऊ के विवेकानंद अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां मंगलवार देर रात उसकी मौत हो गई।
मिले दो मरीज
जिला अस्पताल में बुधवार को हुई जांच में डेंगू के दो मरीज मिले हैं। जिला अस्पताल में भर्ती कर इन मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। 42 बेड के डेंगू वार्ड में 14 मरीज भर्ती हैं। सीएमएस डॉ. आर के सिंह ने बताया कि ओपीडी में बुखार की शिकायत लेकर आने वाले सभी मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच करवाई जाती है। डेंगू की पुष्टि होने पर या लक्षण मिलने पर तत्काल इलाज शुरू कर दिया जाता है। जो मरीज यहां भर्ती होकर इलाज करवाने के इच्छुक होते हैं, उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।