सीतापुर। नगर पालिका, सीतापुर में भाजपा की मजबूत सरकार बनी है। पार्टी के सबसे ज्यादा सभासद जीतकर मिनी सदन पहुंचे हैं। अब कोई भी प्रस्ताव पास कराने में पार्टी को दिक्कत नहीं आएगी। नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी काम का दबाव बना रहेगा। सपा इस बार महज पांच वार्डों में ही जीत सकी है। बसपा का खाता नहीं खुला है। दस वार्डों में निर्दलीयों ने जीत दर्ज की है।
नगर पालिका सीतापुर में 30 वार्ड हैं। मिनी सदन में बहुमत के लिए 16 सभासद चाहिए। इस बार भाजपा के 15 सभासद चुनाव जीते हैं। बहुमत की संख्या के करीब सभासदों के चुनाव जीतने का फायदा भाजपा को मिलेगा। कोई भी विकास कार्य पूरा कराने के लिए सदन की मंजूरी आसानी से मिलती जाएगी। किसी प्रस्ताव के पास होने में दिक्कत नहीं आएगी।
दरअसल, सदन में भाजपा सभासदों की संख्या में अभी और इजाफा होना तय है। जो 10 निर्दलीय सभासद चुनाव जीतकर आए हैं, उनमें से कई भाजपा में जाने के लिए तैयार हैं। जैसे ही मौका मिलेगा, वह भाजपा की सदस्यता भी ग्रहण कर लेंगे। कम सभासद जीतने की वजह से सपा को विपक्ष की भूमिका निभाने में दिक्कत आएगी। किसी प्रस्ताव पर जोरदार तरीके से विरोध नहीं कर पाएंगे।
भाजपा को बढ़त, सपा घटी, बसपा साफ
इस बार नगर पालिका सीतापुर में सभासद पदों के चुनाव में भाजपा को बढ़त मिली है। 2017 में भाजपा सिर्फ छह वार्डों में जीती थी। इस बार 15 वार्डों में भाजपा ने फतह हासिल की है। सपा को 9 सीटों का नुकसान हुआ है। पिछली बार सपा ने 14 वार्डों में जीत दर्ज की थी, इस बार महज पांच वार्डों में सिमट गई है। बसपा के खाते में पिछली दफा एक सीट आई थी। अबकी बसपा का सूपड़ा साफ हो गया है। हालांकि बसपा ने इस बार दो वार्डों पर ही प्रत्याशी उतारा था। निर्दलीयों की संख्या में एक सीट की बढ़ोतरी हुई है।