रेउसा (सीतापुर ) क्षेत्र में गुरुवार को बालाजी मंदिर में हुई शादी चर्चा का विषय बन गई। स्थानीय लोगों कहना है कि निर्धारित तिथि से पूर्व युवक-युवती ने सिर्फ इसलिए शादी कर ली ताकि उनको प्रधानमंत्री आवास मिल सके। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि अविवाहित होने पर भी आवास दिया जा सकता है।
थाना क्षेत्र तंबौर के सिसैया निवासी पप्पू ने गुरुवार को लहरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम शाहाबाद निवासी संगीता पुत्री के साथ रेउसा के मंदिर में जयमाला डालकर सात फेरे लिए। इन दोनों की शादी दोनों पक्षों की सहमति से 22 जून को होनी थी। लेकिन पप्पू के नाम प्रधानमंत्री आवास है, जिसकी जांच हो रही है।
स्थानीय लोंगों की मानें तो क्षेत्र में यह चर्चा फैलने लगी कि अविवाहित को आवास का लाभ नहीं मिलता है। जानकारी के अनुसार पप्पू के खाते में पहली किस्त भी आ चुकी है। आवास निरस्त न हो इसके लिए उसने निश्चित तिथि से पहले ही जयमाला डालकर ब्याह रचा लिया।
यही नहीं जोड़े ने ब्लॉक कार्यालय जाकर खंड विकास अधिकारी का आशीर्वाद भी लिया। हालांकि खंड विकास अधिकारी विवेकमणि त्रिपाठी ने बताया कि अविवाहित को आवास योजना में अपात्र माना जाए, ऐसा कोई नियम नहीं है।