सीतापुर। चीन में बढ़ते कोविड के मामलों को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है। पहले दिन सार्वजनिक स्थानों की रियलटी देखी गई तो लोग कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाते हुए दिखाई दिए। बूस्टर डोज के प्रति भी लोग गंभीर नहीं हैं। हाल यह है कि करीब 28.65 लाख लोगों ने दूसरी डोज के बाद बूस्टर डोज नहीं लगवाई है। यह लापरवाही कोरोना के संक्रमण के फैलाव में मददगार साबित हो सकती है।
कोविड संक्रमण के बाद लोगों ने पहली डोज लगवाने में दिलचस्पी दिखाई। जिले में 37.86 लाख लोगों ने पहली डोज लगवा ली है। दूसरी डोज लगवाने में भी प्रदर्शन ठीक रहा है। 37.29 लाख लोगों ने इसे लगवा लिया है। इसके बाद बूस्टर डोज लगवाने में सबसे अधिक लापरवाही बरती जा रही है। इस डोज को महज 9.21 लाख लोगों ने ही लगवाया है। करीब 28.65 लाख लोगों ने बूस्टर डोज नहीं लगवाई है। अब फिर से अलर्ट जारी हो गया है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बूस्टर डोज आवश्यक है।
इस अलर्ट के बाद अमर उजाला ने इसकी रियलटी चेक की तो सार्वजनिक स्थानों पर लोग कोरोना से बेफ्रिक दिखाई दिए। वह न तो मॉस्क लगाए थे, न ही सोशल डिस्टेसिंग का पालन कर रहे थे। बस स्टॉप, लालबाग बाजार, जिला अस्पताल का पर्चा काउंटर पर लोग इसकी धज्जियां उड़ा रहे थे। जिला प्रशासन की तरफ से भी अलर्ट को लेकर कोई सक्रियता नहीं दिखाई दी। जिला अस्पताल परिसर में मॉस्क लगाने के पोस्टर चस्पा करवा दिए गए। पर्चा काउंटर के बाहर सोशल डिस्टेसिंग के लिए गोले बनवा दिए गए है।
जिला अस्पताल में 12 बेड रिजर्व
अलर्ट के बाद स्वास्थ्य महकमा ने एहतियाती तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस समय जिले में कोई भी सक्रिय मामला नहीं है। फिर भी जिला अस्पताल परिसर में कोविड मरीजों के लिए 12 बेड रिजर्व कर दिए गए हैं।
चालू है ऑक्सीजन प्लांट
ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए जिला अस्पताल में पीएम केयर फंड से ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। इससे पूरे जिला अस्पताल को पाइप लाइन के जरिए सप्लाई दी जा रही है। इस समय प्लांट चालू हालात में है। आठ कंसटेंटर भी जिला अस्पताल में चालू हालात में हैं। कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन की कमी के चलते लोगों की जान जा रही थी। उसी दौरान पीएम केयर फंड से जिला अस्पताल को 10 वेटीलेंटर मिले थे। यह वेटीलेंटर जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में रखे हैं। इनको चलाने के लिए बाकायदा कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ये इस समय क्रियाशील हैं। पिछले तीन माह से इनकी कोई जरूरत नहीं पड़ी है। इसी वजह से इन्हें पीकू वार्ड में बंद रखा गया है। अलर्ट के बाद गुरुवार को इस वार्ड की जांच की गई।
बढ़ेगा जांच का दायरा
कोविड अलर्ट के चलते अब कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। इस समय जिले में करीब एक हजार कोरोना की जांच हो रही है। अब अलर्ट के बाद इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। रोजाना करीब डेढ़ हजार जांच करने का प्रयास किया जाएगा। बुखार व जुकाम के मरीजों की निगरानी की जाएगी। इसको लेकर सीएमओ ने निर्देश जारी किए है। उन्होंने सीएचसी व पीएचसी आने वाले ऐसे मरीजों की निगरानी करने को कहा है। उनकी कोविड की जांच कराई जाए, जिससे मरीजों की पहचान हो सके।
लोगों को कर रहे जागरूक
जिला अस्पताल में 12 बेड रिजर्व कर दिए गए हैं। ऑक्सीजन प्लांट व वेटीलेंटर चालू हालात में है। लोगों को कोविड को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
- डॉ. आरके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
बाहर से आने वालों की होगी निगरानी
कोरोना को लेकर अलर्ट कर दिया गया है। बाहर से आने वाले लोगों पर निगाह रखी जाएगी। सभी सीएचसी अधीक्षक को निर्देशित किया है कि वह अपने अधीनस्थ के जरिए गांवों में आने वाले लोगों पर निगाह रखें।
डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ
टीकारण की स्थिति
12-14 साल- चार लाख 4 हजार 546
15 से 17 साल- छह लाख 60 हजार 61
18 से 44 साल-44 लाख 49 हजार 208
45 से 60 साल- 13 लाख 11 हजार 542
60 से ऊपर- 8 लाख 8 हजार 90