फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sitapur News: बदहाल रास्ते बाढ़ पीडितों की बढ़ा रहे मुसीबत

Mon, 05 Aug 2024 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू का जलस्तर रविवार को 10 सेमी घटकर 117.40 मीटर पर पहुंच गया। गांजर इलाके में सरयू और शारदा का जलस्तर घटने से बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। बाढ़ का पानी उतरने पर अब कई अन्य समस्याओं ने लोगों को घेर लिया है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी समस्या बदहाल रास्ते हैं। बाढ़ में क्षतिग्रस्त रास्तों पर आवागमन बेहद दुश्वार है। वहीं, कई गांवों में लोग संक्रामक रोग की चपेट में आ रहे हैं।
विज्ञापन

पिछले दिनों बाढ़ आने से पानी के तेज बहाव के कारण तटवर्ती गांवों के संपर्क क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीण पवन, उमेश व राममूरत ने बताया कि निरंजन पुरवा गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी भर गया था। जिससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है।
बदहाल सड़क पर आवागमन में कठिनाई हो रही है। कैलाश ने बताया कि प्यारे पुरवा गांव से बंधे पर जाने के लिए भजनी के घर के सामने सड़क कट गई है इसमें पानी बह रहा है। सड़क कटने से तटबंध पर दूसरे रास्ते से जान पड़ता है। इसमें काफी अधिक दूरी तय करनी पड़ती है।
विज्ञापन

बाबाकुटी निवासी गुड्डू ने बताया कि गांव के पास बनी ठोकर के बगल में पानी के तेज बहाव से सड़क कट गई है। इस पर बाबाकुटी, प्यारे पुरवा, हरिपाल पुरवा, अखरी गांव के लोगों का आवागमन होता है। सड़क कटने से ग्रामीणों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर नाव की व्यवस्था भी नहीं है। आपात स्थिति में घर तक कोई वाहन नहीं पहुंच पाता है। करीब एक किलोमीटर दूरी पैदल तय कर बंधे से होकर जाना पड़ता है।


क्षतिग्रस्त मार्गों की कराई जाएगी मरम्मत
बाढ़ क्षेत्र में पानी के तेज बहाव के कारण अक्सर सड़कें कट जाती हैं। इसके लिए हमने 4-5 स्थान चिह्नित किए हैं। बाढ़ समाप्त होने के बाद इन स्थानों पर पुलिया का निर्माण कराया जाएगा। जहां सड़कें आंशिक क्षतिग्रस्त हैं, वहां मरम्मत कराई जाएगी।
- संदीप कुमार, बीडीओ रामपुर मथुरा



बैराजों से छोड़ा गया 2.79 लाख क्यूसेक पानी
सरयू का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है। लेकिन बैराजों से रोजाना छोड़ा जा रहा लाखों क्यूसेक पानी गांजरवासियों की चिंता का सबब बना हुआ है। रविवार को तीनों बैराजों से 2 लाख 79 हजार 857 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। घाघरा बैराज से 1,37,234 क्यूसेक, शारदा बैराज से 84,285 क्यूसेक और बनबसा बैराज से 58,338 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। गांजर के लोगों का कहना है कि लगातार छोड़ा जा रहा यह पानी कभी भी सरयू में उफान ला सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें