मछरेहटा (सीतापुर)। ब्लॉक में 73 ग्राम पंचायतें हैं। सचिवों को चार्ज देने में मनमानी की गई है। किसी को आठ तो किसी को तीन ग्राम पंचायतों का चार्ज दिया गया है। इससे गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। अधिक ग्राम पंचायतों का जिम्मा संभालने वाले सचिव पर काम का अधिक बोझ रहेगा।
73 ग्राम पंचायतों वाले मछरेहटा ब्लॉक में 13 सचिव नियुक्त हैं। इन्हें ग्राम पंचायतों का आवंटन किया गया है। इस कार्य में समानता नहीं बरती गई है। कुछ सचिवों पर मेहरबानी की गई है। जबकि कुछ की अनदेखी की गई है। असमान रूप से ग्राम पंचायतों का आवंटन करने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सूत्रों का कहना है कि ऊंची पहुंच रखने वाले सचिवों को अधिक ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी मिली है। जिनकी पहुंच नहीं थी, उन्हें कम ग्राम पंचायतें मिली हैं। इसका दबी जुबान से सचिव विरोध भी कर रहे हैं।
तीन सचिवों पर विशेष मेहरबानी
ग्राम पंचायतों के आवंटन में तीन सचिवों पर अधिक मेहरबानी की गई है। संदीप कुमार, नीरज कुमार यादव और पवन कुमार गौतम को सर्वाधिक आठ-आठ ग्राम पंचायतें दी गईं हैं। इसी तरह विनय कुमार लोधी,राजेंद्र सिंह, छाया यादव को सात-सात और अवधेश कुमार छह ग्राम पंचायतें मिली हैं। प्रमोद कुमार, प्रदीप कुमार को पांच-पांच, रणविजय सिंह, दिनकर यादव, राहुल सिंह और श्वेता यादव को तीन-तीन ग्राम पंचायतें दी गई हैं।
पूर्व बीडीओ ने बनाया क्लस्टर
कलस्टर शासन स्तर से निर्धारित होता है, हमारे समय में कलस्टर नहीं बना है। हमसे पहले जो बीडीओ थे, उनके समय कलस्टर बना था। उसी हिसाब से सबको काम मिला है।
- अजीत कुमार यादव, बीडीओ