रामपुर मथुरा/तंबौर। एक बार फिर सरयू नदी उफान पर है। बृहस्पतिवार को 30 सेमी की बढ़ोतरी के साथ नदी का जलस्तर 117.80 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि, नदी खतरे के निशान से 1.20 मीटर नीचे बह रही है, लेकिन तटवर्ती गांवों पर फिर बाढ़ का खतरा मंडराने से लोग भयभीत हैं। देवपालपुर में कटान जारी है। उधर, बैराजों से 3 लाख 8 हजार 396 क्यूसेक पानी बृहस्पतिवार को फिर छोड़ा गया है।
रामपुर मथुरा क्षेत्र में सरयू में एक बार फिर उफान आने से पानी नदी से बाहर निकलना शुरू हो गया है। तटवर्ती केवड़ा, अखरी, बंगाली घाट, अंगरौरा, बाबाकुटी, फत्तेपुरवा, प्यारे पुरवा, बक्सीपुरवा, निरंजन पुरवा, अर्जुन पुरवा, सोती पुरवा, कनरखी, अटौरा, मिश्रन पुरवा, कोठार, धांधी तथा शुकुल पुरवा समेत 25 गांवों पर फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रामखेलावन, मालिक, सुरेंद्र व दीपक आदि ने बताया कि नदी का पानी रात से ही बढ़ रहा है।
पानी नदी से बाहर निकलकर करीब के गांवों के चारों तरफ निचले हिस्सों में भर गया है। यदि पानी इसी तरह लगातार बढ़ता रहा तो देर रात तक बाढ़ के हालात बन सकते हैं। प्यारे पुरवा से तटबंध तथा निरंजन पुरवा गांव को जाने वाली सड़क पहले की बाढ़ में ही कट चुकी है। इस बार बाढ़ आई तो लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचना मुश्किल होगा। इसे लेकर ग्रामीण घबराए हुए हैं। ग्रामीणों की आशंका को बैराजों से छेड़ा गया पानी बल दे रहा है। तीनों बैराजों से बृहस्पतिवार को 3 लाख 8 हजार 396 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है।
शारदा में समाए दो बीघा खेत
तंबौर क्षेत्र के देवपालपुर में शारदा नदी के कटान की गति बृहस्पतिवार को कुछ धीमी जरूर हुई, लेकिन खेतों को धारा लगातार काट रही है। कटान न थमने से पिछले 24 घंटे में किसानों की दो बीघा शारदा नदी में समा गई। इंद्रेश, जगदंबा, रामविजय व रंजीत की आधा-आधा बीघा खेत कटान की भेंट चढ़ गए।
टीम को किया सतर्क
बाढ़ जैसे हालात अभी नहीं हैं। सरयू के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ से संबंधित पूरी टीम की सतर्क कर दिया गया है। यदि हालात बिगड़ते हैं तो जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
- शिखा शुक्ला, एसडीएम महमूदाबाद